छत्तीसगढ़ 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा शुल्क में 5 साल बाद बढ़ोतरी: 2026-27 सत्र से लागू होंगे नए दर, इन छात्रों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा शुल्क में पांच साल बाद बढ़ोतरी की है। नया शुल्क शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा।

CGBSE Fee Hike

इमेज AI से जनरेट किया गया है।

CGBSE Fee Hike: छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने करीब पांच साल बाद बोर्ड परीक्षाओं के शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। यह नया शुल्क शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा।

माशिमं की कार्यपालिका समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें करीब 22 प्रकार के शुल्क बढ़ाने को मंजूरी दी गई। इसमें नियमित परीक्षा शुल्क, आवेदन शुल्क, अतिरिक्त विषय, स्वाध्यायी पंजीयन और राज्य से बाहर के छात्रों का पंजीयन शुल्क शामिल है।

नियमित परीक्षार्थियों के लिए क्या बदला?

नए प्रावधान के अनुसार नियमित परीक्षार्थियों को अब बोर्ड परीक्षा, अंकसूची और प्रति विषय प्रैक्टिकल शुल्क मिलाकर 800 रुपये देने होंगे। पहले इसके लिए 460 रुपये चुकाने पड़ते थे।

आवेदन पत्र/विषय नामांकन शुल्क भी बढ़ाया गया है। पहले यह 80 रुपये था, अब 150 रुपये कर दिया गया है। हालांकि प्रवेश पत्र की द्वितीय प्रति का शुल्क पहले की तरह 80 रुपये ही रहेगा।

पुराने और नए शुल्क की तुलना

शुल्क का मदपुराना शुल्क (₹)नया शुल्क (₹)
नियमित परीक्षा, अंकसूची व प्रति विषय प्रैक्टिकल460800
आवेदन पत्र / विषय नामांकन शुल्क80150
अतिरिक्त विषय110250
स्वाध्यायी संपूर्ण विषय (10वीं/12वीं)1,2301,600
स्वाध्यायी एक विषय280500
स्वाध्यायी दो विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा)340600
परीक्षा केंद्र परिवर्तन240400
विलंब शुल्क (स्वाध्यायी)7701,000
बाह्य / राज्य से बाहर के छात्रों का पंजीयन1,5402,000

स्वाध्यायी छात्रों पर असर

स्वाध्यायी एससी/एसटी छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क में भी वृद्धि की गई है। पहले यह 560 रुपये था, अब इसे बढ़ाकर 800 रुपये कर दिया गया है। राज्य के बाहर से परीक्षा देने वाले छात्रों का शुल्क भी 1,540 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है।

विषयवार परीक्षा शुल्क में इजाफा

एक विषय की परीक्षा का शुल्क 280 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये कर दिया गया है। वहीं दो विषय (द्वितीय मुख्य या अवसर परीक्षा) का शुल्क 340 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है।

2021 में हुई थी पिछली बढ़ोतरी

गौरतलब है कि माशिमं ने इससे पहले वर्ष 2021 में परीक्षा शुल्क में संशोधन किया था। पांच साल बाद दोबारा शुल्क बढ़ने से छात्रों और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना है।

हालांकि मंडल का कहना है कि बढ़ती प्रशासनिक और संचालन लागत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आने वाले समय में इसका सीधा असर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों पर पड़ेगा।

यह भी पढ़ें: रायगढ़ में मछली पालन विभाग के कार्यालय में भीषण आग: महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें और उपकरण जलकर खाक, शॉर्ट सर्किट की आशंका

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article