धान खरीदी फिर शुरू: धान खरीदी पर सीएम साय का बड़ा फैसला, वंचित किसानों को फिर मिलेगा मौका

CG Dhan Kharidi Update: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धान खरीदी से वंचित रह गए किसानों को अब एक बार फिर अपनी उपज बेचने का अवसर देनें का ऐलान किया है। प्रदेश में दो दिनों के लिए दोबारा धान खरीदी शुरू की जाएगी

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CG Dhan Kharidi Update: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। धान खरीदी से वंचित रह गए किसानों को अब एक बार फिर अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में दो दिनों के लिए दोबारा धान खरीदी शुरू की जाएगी। सरकार का यह निर्णय उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है, जो तय समय-सीमा के भीतर किसी कारणवश धान नहीं बेच पाए थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष निर्णय लिया गया है, ताकि खरीदी व्यवस्था में रह गई कमियों को दूर किया जा सके।

केवल वंचित किसानों से होगी विशेष खरीदी

सीएम साय ने स्पष्ट किया कि इस विशेष अवधि में धान खरीदी केवल उन्हीं किसानों से की जाएगी, जो पहले चरण में धान बेचने से वंचित रह गए थे। सामान्य खरीदी की तरह सभी किसानों के लिए यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र किसानों की पहचान कर सूची के आधार पर व्यवस्थित खरीदी सुनिश्चित की जाए।

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तकनीकी और टोकन समस्याओं से जूझे किसानों को राहत

सरकार के इस फैसले से उन किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जिनका धान तकनीकी खामियों, टोकन निरस्तीकरण, समय-सीमा समाप्त होने या अन्य प्रशासनिक कारणों से नहीं खरीदा जा सका था। ऐसे किसानों को अब दोबारा अवसर मिलने से आर्थिक नुकसान से राहत मिलने की उम्मीद है।

जल्द जारी होंगे दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री ने बताया कि धान खरीदी को लेकर जिला प्रशासन और खाद्य विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। खरीदी केंद्रों, तारीखों और प्रक्रिया को लेकर जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किए जाएंगे, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

किसान हित में सरकार का कदम

धान खरीदी को लेकर सरकार के इस निर्णय को किसान हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी, जो पहले चरण में खरीदी से बाहर रह गए थे और जिन पर कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ रहा था। सरकार का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए निगरानी भी की जाएगी।

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