रायगढ़ मंगल कार्बन प्लांट हादसा: 9 माह की बच्ची और पिता की मौत, युवक ने भी तोड़ा दम, एक ही परिवार के चार सदस्य झुलसे

रायगढ़ के खरसिया स्थित मंगल कार्बन प्लांट में फर्नेस ब्लास्ट के बाद 9 महीने की बच्ची और उसके पिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। एक ही परिवार के चार सदस्य झुलसे थे।

Raigarh Carbon Plant Accident

Raigarh Carbon Plant Accident: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हुए मंगल कार्बन प्लांट हादसे ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया है। खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर स्थित प्लांट में 5 फरवरी को फर्नेस से आग का तेज प्रेशर बाहर निकलने के बाद 8 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। अब इस हादसे में 9 महीने की बच्ची भूमि खड़िया और उसके पिता शिव खड़िया की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। जबकि 19 साल के युवक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।

अस्पताल में चीखों के बीच टूटा परिवार

अस्पताल के वार्ड में एक मां की चीखें गूंजती रहीं। उदासिनी खड़िया ने अपनी दूधमुंही बच्ची और पति को खो दिया। ससुर वेंटिलेटर पर हैं। परिवार के मुताबिक, तीन महीने पहले 3 साल की बेटी सृष्टि की भी मौत हो चुकी थी।

गरीबी के कारण पति-पत्नी प्लांट में मजदूरी करते थे और छोटी बच्ची को साथ लेकर जाते थे। हादसे के दिन भी 9 महीने की बच्ची पास में लेटी थी, तभी फर्नेस का तेज प्रेशर बाहर निकला और सभी उसकी चपेट में आ गए।

एक ही परिवार के चार सदस्य झुलसे

रायगढ़ कार्बन प्लांट हादसा: तीन महीने में दूसरी बार उजड़ा परिवार, मां ने  खोए पति और दो मासूम बेटियां » Fourth Eye News

हादसे में साहेबलाल खड़िया (46) 80-90%, शिव खड़िया (27) 80-90%, उदासिनी खड़िया (25) 30-40% और भूमि खड़िया (9 माह) 80-90% तक झुलस गए थे। बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। देर रात पिता शिव खड़िया की भी मौत हो गई। जबकि 19 साल के युवक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।

अन्य घायलों में कौशल पटेल, इंदीवर और प्रिया सारथी शामिल हैं, जिनका इलाज रायपुर में जारी है।

सुरक्षा मानकों पर सवाल

परिजनों का आरोप है कि प्लांट में पुराने टायर जलाकर काला तेल निकाला जाता था और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। उनका कहना है कि फर्नेस को ठंडा किए बिना खोला गया, जिससे ब्लास्ट हुआ। मजदूरों को सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे।

FIR वापस लेने का दबाव

हादसे के बाद खरसिया थाने में प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। परिजनों का आरोप है कि अब केस वापस लेने और बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है।

मुआवजा और जांच की मांग

पीड़ित परिवारों ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने, सभी घायलों के इलाज का खर्च प्लांट प्रबंधन से वसूलने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा और मजदूरों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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