जगदलपुर में आदिवासी समाज की रैली में हिड़मा का गाना बजा: पुलिस के सामने लोगों ने किया डांस, आयोजकों ने कहा- ऑटो प्ले से चला

जगदलपुर में भूमकाल स्मृति दिवस पर निकली रैली के दौरान नक्सली माड़वी हिड़मा से जुड़ा गीत बजने का वीडियो वायरल हो गया। डीजे पर गीत बजते ही लोग नाचते नजर आए।

Jagdalpur Hidma Song Controversy

Jagdalpur Hidma Song Controversy: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित भूमकाल स्मृति दिवस की रैली के दौरान एक गीत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रैली में डीजे पर बज रहे गीतों के बीच अचानक नक्सली माड़वी हिड़मा से जुड़ा एक गीत बजने लगा। इस दौरान कुछ लोग डीजे की धुन पर नाचते हुए दिखाई दिए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे लेकर सवाल उठने लगे।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी को भूमकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज ने रैली निकाली थी। रैली के दौरान अलग-अलग पारंपरिक ट्राइबल गीत बजाए जा रहे थे।

इसी बीच डीजे पर ‘मेरे जंगल का सीना चीर डाला तू… हमारी हक की आवाज हिड़मा…’ जैसे बोल वाला गीत बज गया। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग डीजे की धुन पर नाचते नजर आए।

रैली के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी।

आयोजकों का पक्ष

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने कहा कि यह गीत जानबूझकर नहीं बजाया गया था। उनके अनुसार, डीजे ऑपरेटर ने यूट्यूब पर ट्राइबल सॉन्ग सर्च किया था और ऑटो प्ले में यह गीत चल गया।

उन्होंने बताया कि उन्हें रात में इस बारे में जानकारी मिली। साथ ही पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर पूरे मामले की जांच की मांग भी की गई है।

कौन था माड़वी हिड़मा?

माड़वी हिड़मा नक्सली संगठन की सेंट्रल कमेटी का सदस्य बताया जाता था। उस पर 1 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। वह सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का निवासी था। नवंबर 2025 में वह पड़ोसी राज्य के अल्लुरी सीतारामा राजू जिला में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मारा गया था।

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोगों ने इसे गंभीर लापरवाही बताया, तो कुछ ने इसे तकनीकी गलती कहा। फिलहाल प्रशासन और आयोजक इस मामले की तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करने में जुटे हैं।

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