खैरागढ़ के तालाब में डुबोकर हत्या का मामला: आरोपी धनंजय बाग को आजीवन कारावास की सजा, तीन साल बाद फैसला

खैरागढ़ के ग्राम हिरावाही में 1 मार्च 2023 की रात तालाब में डुबोकर की गई हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी धनंजय बाग को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Khairagarh Pond Murder Case

Khairagarh Pond Murder Case: खैरागढ़ (Khairagarh) विकासखंड के ग्राम हिरावाही (Hirawahi Village) में एक मामूली आरोप ने ऐसी भयावह घटना का रूप ले लिया, जिसने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया। मामला 1 मार्च 2023 की देर रात का है। गांव के तालाब में मछली पालन की चौकीदारी कर रहे अशोक बर्मन और उनके साथी मोहन राय रोज की तरह झोपड़ी में बैठकर खाना खा रहे थे।

रात करीब 11 बजे धनंजय बाग उर्फ भाईजान उर्फ सोनू वहां पहुंचा। उसने आते ही दोनों पर पैसे चोरी करने का आरोप लगाया। पहले कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गया।

तालाब की ओर दौड़ाकर पानी में डुबोया

प्रत्यक्षदर्शी मोहन राय के अनुसार, आरोपी धनंजय बाग गुस्से में बेकाबू हो गया। उसने अशोक बर्मन के साथ मारपीट की और फिर उसे दौड़ाते हुए तालाब की ओर ले गया। वहां उसने अशोक को जबरन पानी में धक्का दे दिया और उसे डुबो दिया।

कुछ ही पलों में स्थिति भयावह हो गई। जब तक आसपास के लोग समझ पाते और मदद पहुंचती, तब तक अशोक की सांसें थम चुकी थीं। यह घटना पूरे गांव को झकझोर देने वाली थी।

पुलिस जांच और गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मामले को हत्या (Murder Case) के रूप में दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपी धनंजय बाग को तालाब के पास से ही हिरासत में लिया गया।

जांच के दौरान उसके भीगे कपड़े और घटनास्थल से बरामद डंडा जब्त किया गया। पुलिस ने सभी सबूत इकट्ठा कर आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया।

तीन साल बाद अदालत का फैसला

करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद 12 फरवरी 2026 को अपर सत्र न्यायालय खैरागढ़ (Additional Sessions Court Khairagarh) ने आरोपी धनंजय बाग को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे सश्रम आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनाई और अर्थदंड भी लगाया। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।

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