DGP-IG Conference: 60वें डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस का आज तीसरा दिन, AI पुलिसिंग और जियो-पॉलिटिकल चुनौतियों पर PM मोदी करेंगे अहम चर्चा

DGP-IG कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन पीएम मोदी पुलिसिंग में AI, जियो-पॉलिटिकल चुनौतियों और मॉडल स्टेट चयन पर महत्त्वपूर्ण चर्चा करेंगे। RAW की प्रस्तुति, शहरी पुलिसिंग अवॉर्ड और राष्ट्रीय सुरक्षा पर गहन मंथन के साथ तीन दिवसीय सम्मेलन आज समाप्त होगा।

DGP-IG Conference

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Raipur DGP-IG conference: नवा रायपुर के IIM में आयोजित 60वें अखिल भारतीय DGP-IG कॉन्फ्रेंस का रविवार को तीसरा और अंतिम दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) सुबह अधिकारियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग कर चुके हैं और अब दिनभर चलने वाले सत्रों में पुलिसिंग के नए आयामों, राष्ट्रीय सुरक्षा और आधुनिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होगी। यह सम्मेलन देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को अगले दशक की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।

AI आधारित पुलिसिंग और जियो-पॉलिटिकल चुनौतियों पर फोकस

आज के पहले सत्र में पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर विस्तृत मंथन होगा। इस दौरान उन राज्यों को भी अपनी प्रेजेंटेशन का अवसर दिया जाएगा, जो अब तक रिपोर्ट नहीं दे पाए थे। इन प्रेजेंटेशनों के आधार पर प्रमुख बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी।

दूसरे सत्र में देश के जियो-पॉलिटिकल हालात, विदेशी हस्तक्षेप और बदलते सुरक्षा परिवेश पर रणनीतिक चर्चा होगी। इन बहसों की नींव पर अंतिम गाइडलाइन का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा, जिससे पुलिस तंत्र को भविष्य की चुनौतियों से निपटने में मजबूती मिलेगी।

Raipur DGP-IG Conference
रायपुर डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी

राष्ट्रीय स्तर पर लागू होंगी सर्वश्रेष्ठ प्रैक्टिसेज

तीसरे दिन का सबसे बड़ा आकर्षण है- देश के ‘मॉडल स्टेट’ का चयन। जिस राज्य की प्रैक्टिस और इनोवेशन को सर्वश्रेष्ठ माना जाएगा, उसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी है। समापन सत्र में गाइडलाइन को अंतिम रूप दिए जाने के बाद औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे।

RAW की प्रस्तुति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर गहन विश्लेषण

दोपहर में टी-ब्रेक के बाद RAW अधिकारियों की विशेष प्रस्तुति होगी, जिसमें बाहरी खतरों, सीमाई तनाव और वैश्विक घटनाक्रमों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस सत्र में भविष्य के सुरक्षा परिदृश्यों और भारत की रणनीतिक भूमिका पर भी चर्चा होगी। प्रस्तुति के बाद प्रधानमंत्री मोदी डेलीगेट्स, अवार्ड प्राप्त अधिकारियों और आमंत्रित प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

शाम को शहरी पुलिसिंग अवॉर्ड और PM का संबोधन

दोपहर बाद प्रधानमंत्री मोदी शहरी पुलिसिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले देश के तीन शहरों को सम्मानित करेंगे। इसके बाद उनका मुख्य संबोधन होगा, जिसमें वे पुलिसिंग के भविष्य, तकनीक के बढ़ते महत्व और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति भारत के विजन को साझा करेंगे। उनके भाषण के बाद पुरस्कार प्राप्त अधिकारियों के साथ फोटो सेशन होगा। शाम करीब 4 बजे प्रधानमंत्री IIM से रवाना होंगे।

pm modi
पीएम नरेंद्र मोदी

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दूसरे दिन 13 घंटे की मैराथन बैठक

शनिवार को हुए दूसरे दिन के सत्रों में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक की कमान संभाली। 13 घंटे चली इस मैराथन बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रमुख पहलुओं, महिला सुरक्षा में तकनीकी बढ़ोतरी, आतंकी गतिविधियों के रुझान और उत्तराधिकार योजनाओं पर विशेषज्ञ चर्चा हुई।
 छत्तीसगढ़ के DGP अरुण देव गौतम ने ‘बस्तर 2.0’ की रणनीति पेश की जिसमें मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के बाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास मॉडल की रूपरेखा साझा की गई। आईबी के विशेष निदेशक ने ‘विजन 2047’ पर प्रस्तुति दी, जिसमें अगले 20 वर्षों में सुरक्षा व्यवस्था की संभावित जरूरतों का खाका पेश किया गया।

देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशनों को मिला सम्मान

सम्मेलन के पहले दिन गृह मंत्री अमित शाह ने देश के टॉप-3 पुलिस स्टेशनों को सम्मानित किया। दिल्ली के गाजीपुर थाने को सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन घोषित किया गया, जबकि अंडमान-निकोबार का पहरगांव थाना दूसरे और कर्नाटक के रायचूर जिले का कवितला थाना तीसरे स्थान पर रहा। यह सम्मान पुलिसिंग में गुणवत्ता, त्वरित प्रतिक्रिया और सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करने पर आधारित था।

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PM मोदी के नेतृत्व में सम्मेलन का बदलता स्वरूप

साल 2014 से प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। पहले यह केवल दिल्ली तक सीमित रहता था, लेकिन अब इसे देश के अलग-अलग राज्यों में आयोजित किया जा रहा है ताकि स्थानीय सुरक्षा मुद्दों को बेहतर तरीके से समझा जा सके। पिछले दस वर्षों में यह सम्मेलन राष्ट्रव्यापी विचार-विनिमय का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।

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