ईरान-इजराइल युद्ध के असर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित: दुबई में फंसे छत्तीसगढ़ के तीन युवक, लगातार फ्लाइट रद्द होने से घर वापसी टली

ईरान-इजराइल तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है, जिससे कोटा के तीन युवक दुबई में फंस गए हैं। उनकी 28 फरवरी और 3 मार्च की फ्लाइट रद्द हो चुकी है।

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CG Youths Stranded in Dubai: ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब आम यात्रियों पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट और समय-सारिणी प्रभावित होने से कई यात्रियों की योजनाएं बिगड़ गई हैं। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के कोटा के तीन युवक इन दिनों दुबई में फंसे हुए हैं।

कोटा निवासी शिवम मिश्रा अपने दोस्तों आकाश और आयुष के साथ घूमने के लिए दुबई गए थे। उनकी वापसी की पहली फ्लाइट 28 फरवरी की थी, लेकिन वह रद्द हो गई। इसके बाद 3 मार्च की नई टिकट बुक कराई गई, जो वह भी निरस्त हो गई। अब उन्हें 5 मार्च की फ्लाइट का टिकट मिला है और उसी के सहारे घर लौटने की उम्मीद है।

दुबई में हालात सामान्य, सुरक्षा को लेकर नहीं है डर

शिवम ने फोन पर बताया कि दुबई में किसी तरह का युद्ध जैसा माहौल नहीं है। शहर सामान्य रूप से चल रहा है। पर्यटन स्थल खुले हैं और लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थानीय प्रशासन की ओर से भी कोई खतरे की चेतावनी नहीं दी गई है।

हालांकि उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि बार-बार फ्लाइट रद्द होने से मानसिक दबाव बढ़ गया है। परिवार वाले लगातार संपर्क में हैं और हर नई सूचना का इंतजार कर रहे हैं।

दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ी भीड़

Dubai International Airport पर इन दिनों यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। कई उड़ानें री-शेड्यूल की जा रही हैं। सुरक्षा कारणों से कुछ एयरलाइंस वैकल्पिक मार्ग अपना रही हैं, जिससे देरी और रद्दीकरण की स्थिति बन रही है।

शिवम ने बताया कि होटल में रुकने की अवधि बढ़ानी पड़ी है, जिससे खर्च भी बढ़ गया है। फिर भी वे धैर्य बनाए हुए हैं और एयरलाइन व प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।

परिवार की चिंता, हर दिन लौटने का इंतजार

कोटा में मौजूद उनके परिजन लगातार वीडियो कॉल के जरिए संपर्क में हैं। परिवार वालों का कहना है कि जब तक बच्चे सुरक्षित हैं, उन्हें संतोष है। बस यही चिंता है कि वे जल्द से जल्द घर लौट आएं।

परिजनों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर उड़ानों पर पड़ना स्वाभाविक है। सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए एयरलाइंस सतर्कता बरत रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय तनाव का व्यापक असर

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर केवल एक देश तक सीमित नहीं रहता। जब भी क्षेत्रीय स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है, तो एयर रूट बदल दिए जाते हैं। इससे कई देशों की उड़ानें प्रभावित होती हैं। यात्रियों को अतिरिक्त समय और खर्च का सामना करना पड़ता है।

फिलहाल कोटा के तीनों युवक सुरक्षित हैं और 5 मार्च की फ्लाइट से घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब सबकी नजर उनकी अगली उड़ान पर टिकी है।

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