बिलासपुर एयरपोर्ट पर पहली बार सफल नाइट लैंडिंग ट्रायल: अब खराब मौसम में भी संभव होगा संचालन, नियमित रात्री उड़ानों की तैयारी तेज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित बिलासा एयरपोर्ट पर पहली बार नाइट लैंडिंग का सफल ट्रायल किया गया है। राज्य शासन के स्टेट प्लेन के माध्यम से व्यवस्थाओं की जांच की गई।

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Bilasa Airport Night Landing: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के लिए हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। बिलासा एयरपोर्ट पर पहली बार नाइट लैंडिंग का सफल ट्रायल किया गया है। इस ट्रायल के लिए छत्तीसगढ़ शासन के स्टेट प्लेन का उपयोग किया गया, जिसके माध्यम से रात के समय विमान की सुरक्षित लैंडिंग की संभावनाओं को परखा गया।

इस दौरान रनवे लाइटिंग सिस्टम, एप्रोच लाइट्स और एयर ट्रैफिक कॉर्डिनेशन जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की गई। परीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिससे यह संकेत मिला है कि भविष्य में यहां नियमित रूप से नाइट ऑपरेशन शुरू किए जा सकते हैं।

अब खराब मौसम में भी संभव होगा फ्लाइट संचालन

एयरपोर्ट को हाल ही में Visual Flight Rules (VFR) से Instrument Flight Rules (IFR) में अपग्रेड किया गया है। इस तकनीकी अपग्रेड के बाद अब कम विजिबिलिटी या खराब मौसम की स्थिति में भी बिलासा एयरपोर्ट पर विमान का संचालन संभव हो सकेगा।

नाइट लैंडिंग की सुविधा शुरू होने से यात्रियों को उड़ानों के अधिक विकल्प मिलेंगे। साथ ही, इससे बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों की हवाई कनेक्टिविटी में भी विस्तार होगा, जो व्यापार, पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है।

ट्रायल के दौरान अधिकारी और तकनीकी टीम रही मौजूद

नाइट लैंडिंग ट्रायल के दौरान एयरपोर्ट डायरेक्टर, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS), रायपुर के क्षेत्रीय निदेशक सहित एयरपोर्ट के अन्य अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे। सभी ने मिलकर एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया।

इस सफल परीक्षण के बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में बिलासा एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी की जा सकती है।

हाईकोर्ट ने मांगी नाइट लैंडिंग से जुड़ी जानकारी

इसी बीच बिलासा एयरपोर्ट में हवाई सेवाओं से संबंधित जनहित याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई भी हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि एयरपोर्ट में नाइट लैंडिंग सहित जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उनकी विस्तृत जानकारी दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत की जाए।

कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 फरवरी की तारीख निर्धारित की है। ऐसे में अब प्रशासन और एयरपोर्ट प्रबंधन को तकनीकी उन्नयन से जुड़े सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

क्षेत्रीय विकास को मिल सकती है नई गति

नाइट लैंडिंग की सुविधा शुरू होने से न केवल हवाई सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि बिलासपुर क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी के साथ व्यापारिक गतिविधियों और निवेश के नए अवसर भी सामने आ सकते हैं।

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