CSVTU में पीएचडी फीस घोटाला: 9.44 लाख के गबन में विश्वविद्यालय का सलाहकार गिरफ्तार, शोधार्थियों के साथ ठगी

CSVTU PhD Scam: भिलाई में पीएचडी शोधार्थियों से फीस के नाम पर 9.44 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। नेवई पुलिस ने विश्वविद्यालय के कनिष्ठ सलाहकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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CSVTU PhD Scam: भिलाई स्थित छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में पीएचडी शोधार्थियों से निर्धारित शुल्क के नाम पर की गई धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर नेवई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय के कनिष्ठ सलाहकार को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। आरोपी पर शोधार्थियों से फीस के नाम पर लाखों रुपये का गबन करने का आरोप है।

शिकायत के बाद गठित हुई जांच समिति

दरअसल, विश्वविद्यालय प्रशासन को पीएचडी में पंजीकृत शोधार्थियों से फीस वसूली में अनियमितता की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। समिति द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि कुल 9 लाख 44 हजार 500 रुपये की राशि का गबन किया गया है।

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30 हजार रुपये की फर्जी रसीदें थमाईं

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि शोधार्थियों से पीएचडी शोध जमा करने की फीस के नाम पर प्रति शोधार्थी 30 हजार रुपये वसूले गए। आरोप है कि कैश में ली गई इस राशि के बदले शोधार्थियों को विश्वविद्यालय की फर्जी फीस रसीदें दी गईं। उन्हें यह विश्वास दिलाया गया कि फीस विश्वविद्यालय के खाते में जमा कर दी गई है, जबकि वास्तव में रकम आरोपी ने अपने पास रख ली।

जांच रिपोर्ट में आरोपी की भूमिका उजागर

जांच रिपोर्ट में सामने आया कि विश्वविद्यालय की पीएचडी शाखा में पदस्थ कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद ने इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शोधार्थियों से सीधे नकद राशि ली और फर्जी रसीदें जारी कीं। लंबे समय तक यह गड़बड़ी सामने नहीं आ सकी, जिससे गबन की रकम बढ़ती चली गई।

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पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत के बाद नेवई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाए जाने पर उसका मेमोरण्डम कथन लिया गया और आवश्यक दस्तावेजों की जब्ती की गई। पुलिस ने 9 फरवरी को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

फर्जी रसीदें और दस्तावेज जब्त

पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी शुल्क रसीदें, कैश लेनदेन से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपी सुनील कुमार प्रसाद 38 वर्ष का है और भिलाई के रूआबांधा स्थित एचएससीएल कॉलोनी का निवासी बताया गया है।

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अन्य अफसरों की भूमिका भी जांच के घेरे में

पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है। जांच के दौरान आरोपी ने अपने बयान में कुछ तत्कालीन अफसरों के नाम भी लिए हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले में और कौन कौन अधिकारी या कर्मचारी शामिल थे। सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां होने से इनकार नहीं किया जा रहा।

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