बीजापुर में नक्सली हिंसा से दहला इलाका: पूर्व सरपंच की गोली मारकर हत्या, सीआरपीएफ कैंप के पास वारदात

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक बार फिर खूनखराबा किया है। ग्राम काऊरगट्टा में पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

Bijapur Naxal Attack

Bijapur Naxal Attack: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिला से एक बार फिर सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिले के पामेड़ थाना क्षेत्र के ग्राम काऊरगट्टा में नक्सलियों ने पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की गोली मारकर हत्या कर दी। मंगलवार 20 जनवरी को भीमा मड़कम मछली पकड़ने के लिए खेत की ओर गए थे, इसी दौरान नक्सलियों ने उन पर हमला कर दिया।

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सीमावर्ती इलाके में हुई वारदात

यह वारदात छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा से लगे संवेदनशील इलाके में हुई है। बताया जा रहा है कि जिस जगह पर घटना हुई, वहां पहले भी नक्सली गतिविधियां सामने आती रही हैं। भीमा मड़कम का घर घटनास्थल से ज्यादा दूर नहीं था और उनके घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर CRPF की 151 बटालियन का कैंप स्थित है। इसके बावजूद नक्सलियों ने वारदात को अंजाम देकर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है।

मुखबिरी के शक में की गई हत्या

पुलिस के अनुसार, नक्सलियों को शक था कि भीमा मड़कम सुरक्षा बलों को नक्सल गतिविधियों से जुड़े इनपुट देते थे। इसी शक के आधार पर उन्हें पहले भी धमकियां दी गई थीं। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में मुखबिरी की आशंका को हत्या की वजह माना जा रहा है।

दो महीने पहले भी हुआ था हमला

भीमा मड़कम ग्राम कंचाल के रहने वाले थे और वर्ष 2020 से 2025 तक सरपंच रहे। वे किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े थे और स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर आए थे। दो महीने पहले भी नक्सलियों ने उन्हें घेरकर हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन उस वक्त सीआरपीएफ कैंप के जवानों ने समय रहते उन्हें बचा लिया था। उस घटना के बाद भीमा कुछ समय के लिए दंतेवाड़ा-बचेली इलाके में रहने लगे थे और बीच-बीच में गांव आते-जाते थे।

भीड़ के बीच मारी गोली

20 जनवरी को भीमा मड़कम खेत की ओर मछली पकड़ने गए थे, जहां आसपास और भी लोग मौजूद थे। इसी बीच नक्सली वहां पहुंचे और भीमा पर गोली चला दी। गोली उनके पेट में लगी, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को गांव लाया गया।

इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

पामेड़ थाने को शव मिलने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने हत्या की पुष्टि करते हुए इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। नक्सलियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन भी तेज कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

गौरतलब है कि इससे पहले 14 अक्टूबर को कांकेर जिले में नक्सलियों ने भाजपा कार्यकर्ता सत्यम पुनेम की हत्या कर दी थी। उस मामले में भी नक्सलियों ने मुखबिरी का आरोप लगाते हुए वारदात को अंजाम दिया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से साफ है कि बस्तर संभाग में नक्सली अब भी हिंसा के रास्ते पर हैं।

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