पखांजूर में हैवानियत: 52 साल के बुजुर्ग ने नाबालिग को बनाया शिकार, यशवंत नगर दुष्कर्म केस में फरार आरोपी गिरफ्तार

Bastar Minor Rape Case: पखांजूर थाना क्षेत्र के यशवंत नगर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने फरार 52 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पानी पीने के बहाने घर में घुसकर वारदात की और पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी थी।

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Bastar Minor Rape Case: पखांजूर थाना क्षेत्र से नाबालिग से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस गंभीर अपराध में फरार चल रहे 52 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पानी पीने के बहाने नाबालिग के घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस के मुताबिक ये मामला पखांजूर थाना अंतर्गत यशवंत नगर का है। आरोपी ने घर में नाबालिग को अकेला पाकर जबरदस्ती दुष्कर्म किया और घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी दी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

क्या है पूरा मामला 

पुलिस के अनुसार यह मामला 17 जनवरी 2026 का है। पीड़िता के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि घटना के समय नाबालिग लड़की घर में अकेली थी। सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच ग्राम पीवी 59 निवासी विकास बाईन उम्र 52 वर्ष वहां पहुंचा और पानी मांगा। जैसे ही लड़की पानी देने आई, आरोपी ने उसका हाथ पकड़कर जबरन कमरे के अंदर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जाते समय आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया तो वह पूरे परिवार को जान से मार देगा।

पुलिस कार्रवाई और मामला दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पखांजूर राकेश कुर्रे के मार्गदर्शन में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

आरोपी की गिरफ्तारी

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी विकास बाईन को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में पखांजूर थाना प्रभारी लक्ष्मण केवट, एसआई अनिल कुमार पालेश्वर, एएसआई बिन्दुलता देवांगन, हेड कांस्टेबल रूबेन टोप्पो और कांस्टेबल दिव्या की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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