Amit Baghel Surrender: अमित बघेल ने किया सरेंडर, रायपुर कोर्ट ने 3 दिन की रिमांड पर भेजा, मां के अंतिम संस्कार में होंगे शामिल

छत्तीसगढ़ क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल ने आज रायपुर के देवेंद्र नगर थाने में सरेंडर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट से फटकार झेलने और मां के निधन के बाद वे थाने पहुंचे।

Amit Baghel Surrender

Amit Baghel Surrender: छत्तीसगढ़ क्रांति सेना (Chhattisgarh Kranti Sena protest) के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल पर कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। आपत्तिजनक बयानों से जुड़े मामले में करीब दो महीने से फरार चल रहे बघेल ने आज रायपुर के देवेंद्र नगर पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया है। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रायपुर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन की रिमांड पर भेजा गया है। अमित बघेल मां के अंतिम संस्कार में भी शामिल होंगे।

बता दें कि बघेल की मां के शुक्रवार को निधन के बाद हालात और संवेदनशील हो गए। उनके शव को उनके पैतृक गांव पथरी ले जाया गया है, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरेंडर के बाद बघेल अपने मातृ-वियोग से जुड़े कारणों का हवाला देकर अस्थायी बेल के लिए न्यायालय में आवेदन कर सकते हैं। इस पूरे मामले को पुलिस “उच्च जोखिम” श्रेणी में देख रही है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी- ‘जुबान पर लगाम रखें’

26 नवंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अमित बघेल को कड़ी फटकार लगाते हुए उनकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने साफ कहा था कि जहां-जहां FIR दर्ज है, वहां की कानूनी प्रक्रिया का ईमानदारी से सामना करना होगा। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की- “अपनी जुबान पर लगाम रखें। आपको किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी, कानून अपना काम करेगा।”

इसके बाद से बघेल पर दबाव और बढ़ गया। अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह FIR क्लबिंग या किसी अन्य राहत पर कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा। 24 नवंबर को कोर्ट ने तंज भरे अंदाज में कहा था कि पुलिस आपको अलग- अलग राज्यों में ले जाएगी, पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए।

Amit Baghel Supreme Court

12 राज्यों में मामले दर्ज, 26 दिनों से फरार

अमित बघेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, सरगुजा, धमतरी, रायगढ़ और जगदलपुर में FIR दर्ज हैं। प्रदेश से बाहर एमपी के इंदौर और ग्वालियर, यूपी के प्रयागराज, महाराष्ट्र, नोएडा सहित कुल 12 राज्यों में उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वे पिछले 26 दिनों से फरार थे और कई बार अपनी लोकेशन बदलते रहे, जिसके कारण गिरफ्तारी अभियान चुनौतीपूर्ण रहा।

ये भी पढ़ें:  Amit Baghel Bhagoda: रायपुर पुलिस ने अमित बघेल को किया भगोड़ा घोषित, ₹5,000 का इनाम घोषित

ये भी पढ़ें:  CG Police Attack FIR: अंबिकापुर में खदान विस्तार को लेकर बड़ा बवाल, पुलिस पर हमले के बाद 150 ग्रामीणों पर FIR, 55 नामजद

सिंधी समाज और अग्रवाल समाज ने किया था प्रदर्शन

पूरा विवाद 27 अक्टूबर को शुरू हुआ था, जब छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी थी। इसके बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने राज्यभर ही नहीं, बल्कि देशभर में विरोध प्रदर्शन किए। विरोध की व्यापकता बढ़ने के बाद ही विभिन्न राज्यों में उनके खिलाफ FIR दर्ज होनी शुरू हुई।

ये भी पढ़ें:  Amit Baghel Supreme Court: SC ने अमित बघेल को लगाई फटकार, कहा—‘ज़ुबान पर लगाम रखें’; सभी FIR पर अलग-अलग राज्यों में होगा ट्रायल

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article