छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही स्थगित: खाद संकट को लेकर जमकर मचा हंगामा, निजी विश्वविद्यालय स्थापना विधेयक भी पारित

Chhattisgarh Assembly Monsoon Session: छत्तीसगढ़ में मानसून सत्र के चौथे दिन हंगामा, स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने प्रश्नकाल को किया स्थगित, कहा- मैं बहुत दुखी...

Chhattisgarh Assembly Monsoon Session

Chhattisgarh Assembly Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की आज की कार्यवाही कल 11 बजे तक क लिए स्थगित कर दी गई है। प्रश्नकाल में खाद संकट को लेकर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा मचाया। सदन से वॉकआउट भी किया। वहीं आज सदन में निजी विश्वविद्यालय स्थापना विधेयक ध्वनि मत से पारित हुआ। सीएम साय ने निजी विश्वविद्यालय विधेयक का प्रस्ताव रखा था।

आज की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। खाद संकट पर विपक्ष ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम को घेरा। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी दल के सदस्यों ने पहले गर्भगृह में पहुंचकर ‘खाद की कालाबाजारी बंद करो’ जैसे नारे लगाए, इसके बाद सदन से वॉकआउट किया।

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स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने जताई नाराजगी

विधानसभा लाइव : विपक्षी सदस्यों के व्यवहार से नाराज हुए स्पीकर, डॉ. रमन की कड़ी टिप्पणी, कहा- 25 साल के संसदीय परम्पराओं की उड़ाई धज्जियां

सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे स्पीकर डॉ. रमन सिंह (Speaker Dr. Raman Singh) ने विपक्षी सदस्यों से बार-बार संयम बरतने की अपील की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उन्होंने प्रश्नकाल को स्थगित कर दिया।

उन्होंने कहा, "आज जो कुछ हुआ, वह छत्तीसगढ़ विधानसभा के 25 वर्षों के इतिहास में पहली बार हुआ है। प्रश्नकाल को बाधित करना बहुत ही गलत परंपरा है।" उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि, "मैं बहुत दुखी मन से विपक्षी सदस्यों को सदन की आज की पूरी कार्यवाही से निलंबित करता हूँ।"

संसदीय कार्यमंत्री ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

संसदीय कार्यमंत्री ने विपक्षी रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष का व्यवहार छत्तीसगढ़ की संसदीय परंपराओं को कलंकित करने वाला था। उन्होंने सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Former CM Bhupesh Baghel) पर आरोप लगाया कि वे कांग्रेस विधायकों को उकसा रहे थे।

विपक्ष ने खाद संकट पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम को घेरा

आज सदन में खाद संकट का मुद्दा उठा। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी दल के सदस्यों ने गर्भगृह में पहुंचकर ‘खाद की कालाबाजारी बंद करो’ के नारे लगाए, फिर सदन से वॉकआउट किया.

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उमेश पटेल ने पूछा जून तक आधे भंडारण के बाद क्या है सरकार की योजना? आज सदन में डीएपी खाद (DAP Fertilizer) की कमी को लेकर विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल (Congress MLA Umesh Patel) ने प्रश्नकाल के दौरान सवाल उठाया कि जून तक सिर्फ आधा भंडारण हुआ है, आगे किसानों को खाद कैसे मिलेगा?

कृषि मंत्री ने बताया खाद आपूर्ति का प्लान

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इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम (Agriculture Minister Ramvichar Netam) ने विस्तार से जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार भारत सरकार से लगातार संपर्क में है और खाद की स्थिति पर नजर रखे हुए है। जहां डीएपी की कमी है वहां एनपीके (NPK) और डीएपी नैनो (DAP Nano) जैसे विकल्पों को प्रमोट किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 20 जुलाई तक राज्य में कुल 18,850 मैट्रिक टन खाद, यानी 24 रैक खाद आने वाले हैं, जिनमें डीएपी और एनपीके दोनों शामिल हैं। इससे राज्य में मौजूदा संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा।

भूपेश बघेल ने उठाया कालाबाजारी का मुद्दा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Former CM Bhupesh Baghel) ने खाद की कालाबाजारी (Black Marketing of Fertilizer) को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि राज्य में खाद की आपूर्ति हो रही है फिर भी कालाबाजारी क्यों हो रही है?

इस पर मंत्री नेताम ने जवाब दिया कि अभी तक राज्य में 1 लाख 72 हजार मैट्रिक टन डीएपी खाद आ चुका है और अगले 5 दिनों में 18 हजार मैट्रिक टन खाद और आ जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

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