CG Tehsildar Strike: छत्तीसगढ़ में तहसीलदारों की हड़ताल से 20 हजार फाइलें लंबित, छात्रों-किसानों को सबसे ज्यादा दिक्कत

Chhattisgarh Tehsildar Strike: छत्तीसगढ़ में तहसीलदारों की हड़ताल से राजस्व विभाग का काम ठप, 20 हजार से ज्यादा फाइलें पेंडिंग। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र से लेकर सीमांकन, फौती जैसे काम रुके।

Chhattisgarh Tehsildar Strike

Chhattisgarh Tehsildar Strike

Chhattisgarh Tehsildar Strike: छत्तीसगढ़ में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों (Tehsildar and Naib Tehsildar Strike) की हड़ताल का असर राज्य भर में व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर यह अधिकारी बीते आठ दिनों से हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल ने आम लोगों के कामकाज को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है, वहीं 20 हजार से ज्यादा फाइलें (Pending Revenue Files) विभिन्न तहसीलों में लंबित पड़ी हैं।

छात्रों और किसानों को भारी दिक्कत

इस हड़ताल (Chhattisgarh Tehsildar Strike) की सबसे बड़ी मार छात्रों और किसानों पर पड़ी है। स्कूल और कॉलेज के छात्र आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र (Income, Caste and Domicile Certificate) के लिए तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन काम ठप है। वहीं, किसानों के भूमि सीमांकन (Land Demarcation), फौती नामांतरण (Mutation) और बंटवारा (Land Partition) जैसे जरूरी कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इससे रजिस्ट्री करवा चुके किसानों को प्रमाणीकरण में देरी हो रही है।

[caption id="attachment_872228" align="alignnone" width="1159"]Chhattisgarh Tehsildar Strike Chhattisgarh Tehsildar Strike[/caption]

तहसीलों में पड़ा सन्नाटा

राज्य की सभी तहसीलों और राजस्व न्यायालयों में कामकाज ठप होने से दस्तावेज लेखक (Document Writers), स्टांप वेंडर (Stamp Vendors) और अर्जीनवीस (Petition Writers) भी खाली बैठे हैं। सरकारी कामकाज ठप होने से इनकी आमदनी भी रुक गई है। खासकर रजिस्ट्री कार्य (Land Registry Work), सीमांकन आदेश (Demarcation Order) और खाता विभाजन (Khata Partition) से जुड़े कार्य पूरी तरह बंद पड़े हैं।

20 हजार फाइलों का अंबार

राज्य भर में 20 हजार से अधिक राजस्व से जुड़ी फाइलें (Revenue Case Backlog) लंबित हो चुकी हैं। जिन मामलों पर फैसला होना था, वे हड़ताल के कारण अटक गए हैं। लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है क्योंकि उन्हें जरूरी दस्तावेज और सेवाएं नहीं मिल रही हैं। तहसीलदार संघ का कहना है कि संसाधनों की कमी (Lack of Resources), तकनीकी सुविधाएं, और सुरक्षा के अभाव (Security Issues) जैसी समस्याओं को लेकर वे मजबूरी में हड़ताल कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें:   छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: प्राचार्य पदोन्नति पर सरकार के नियम वैध, 1475 शिक्षकों की पदस्थापना प्रक्रिया फिर शुरू

सरकार और तहसीलदार संघ में टकराव

राज्य सरकार और तहसीलदार संघ के बीच गतिरोध बना हुआ है। अभी तक मांगों पर कोई ठोस सहमति (No Agreement Yet) नहीं बन पाई है। हड़ताल के कारण राजस्व का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आम जनता सरकार से मांग कर रही है कि इस मसले का जल्द समाधान निकाला जाए ताकि उनका काम सुचारु रूप से शुरू हो सके।

ऐसी ही ताजा खबरों के लिए बंसल न्यूज से जुड़े रहें और हमें XFacebookWhatsAppInstagram पर फॉलो करें। हमारे यू-ट्यूब चैनल Bansal News MPCG को सब्सक्राइब करे।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने SECL की अपील की खारिज, पुनर्वास नीति की तिथि तय करेगी प्रभावितों का अधिकार

CG High Court

Chhattisgarh High Court on SECL Appeal: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और रोजगार (Rehabilitation and Employment Rights) को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को पुनर्वास नीति का लाभ उसी तिथि की नीति के अनुसार मिलेगा, जिस तिथि को उनकी भूमि का अधिग्रहण हुआ है। इस फैसले में एसईसीएल (SECL) की अपील को खारिज कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें..

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article