सूरजपुर जुआरी मौत मामला: पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, अपर कलेक्टर की अगुवाई में जांच टीम गठित, एक माह में सौंपेगी रिपोर्ट

Surajpur Gambler Death Case: सूरजपुर जुआरी मौत मामला, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, अपर कलेक्टर की अगुवाई में जांच टीम गठित, एक माह में सौंपेगी रिपोर्ट

Surajpur Gambling Raid

Surajpur Gambler Death Case: सूरजपुर। दिवाली के दिन जयनगर थाना क्षेत्र के कुंज नगर (Kunj Nagar) में हुई पुलिस छापेमारी के दौरान एक युवक की मौत (Death) के बाद अब प्रशासन हरकत में आ गया है। इस मामले की जांच के लिए अपर कलेक्टर (Additional Collector) की अगुवाई में विशेष जांच टीम (Investigation Team) गठित की गई है। टीम को चार प्रमुख बिंदुओं पर जांच कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए गए हैं।

अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित इस टीम में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं, जो घटनास्थल का दौरा कर मृतक के परिवार, ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करेंगे।

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चार बिंदुओं पर होगी जांच

  1. मृतक बाबूलाल राजवाड़े (Babulal Rajwade) की मौत कब, कैसे और कहां हुई?
  2. घटना के लिए जिन पुलिसकर्मियों पर ग्रामीणों और परिवार ने आरोप लगाए हैं, क्या वे सही हैं और कौन दोषी है?
  3. भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
  4. जांच के दौरान सामने आए अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख।

दिवाली की रात घटी थी घटना

घटना 19 अक्टूबर (19 October) की रात की है। पुलिस को जयनगर क्षेत्र के कुंज नगर में जुआ (Gambling) खेलने की सूचना मिली थी। टीम जब मौके पर पहुंची तो जुआरी भागने लगे। इस दौरान बाबूलाल राजवाड़े नामक युवक कुएं में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

मौत की खबर मिलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने नेशनल हाईवे (National Highway) पर चक्काजाम कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। रात में ही ग्रामीणों ने थाने का घेराव (Police Station Gherao) कर जमकर तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की।

तनाव के बाद छावनी बना इलाका

इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज (Lathicharge) करना पड़ा, जिससे कई ग्रामीण भी घायल हुए। क्षेत्र में तनाव फैल गया और प्रशासन ने इलाके को छावनी (Curfew-like situation) में तब्दील कर दिया।

बाद में जनप्रतिनिधियों और एसडीएम (SDM) की समझाइश के बाद हालात सामान्य हुए। हालांकि ग्रामीण अब भी दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

जांच रिपोर्ट तय करेगी कार्रवाई का रुख

अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि इस घटना में पुलिस की गलती थी या यह एक आकस्मिक दुर्घटना। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।

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