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छत्तीसगढ़ में 16 हजार एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर: सरकार के लिए हवन और सुंदरकांड से की “सद्बुद्धि” की प्रार्थना

CG NHM Strike: छत्तीसगढ़ में 16 हजार एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर, सरकार के लिए हवन और सुंदरकांड से की “सद्बुद्धि” की प्रार्थना

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Harsh Verma
CG NHM Strike

CG NHM Strike: छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के करीब 16 हजार कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले छह दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। राजधानी रायपुर (Raipur) के तूता धरना स्थल पर रोज बड़ी संख्या में कर्मचारी जुटकर आंदोलन को मजबूत बना रहे हैं।

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हवन और सुंदरकांड से दी “सद्बुद्धि” की प्रार्थना

NHM कर्मचारियों की हड़ताल का छठा दिन: हवन-सुंदरकांड का पाठ कर की स्वास्थ्य  विभाग के अधिकारियों को "सद्बुद्धि" देने की प्रार्थना, देखें VIDEO - Lalluram

आंदोलन के छठे दिन कर्मचारियों ने विशेष तरीके से अपनी नाराजगी जताई। धरना स्थल पर हवन और सुंदरकांड का आयोजन किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि यह प्रार्थना सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को “सद्बुद्धि” देने के लिए की गई है, ताकि वे उनकी जायज मांगों को जल्द से जल्द मान लें।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

एनएचएम कर्मचारी संघ (NHM Workers Union) के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में 10 सूत्रीय मांगें शामिल हैं।

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  • संविलियन/स्थायीकरण (Regularization)
  • पब्लिक हेल्थ कैडर (Public Health Cadre) की स्थापना
  • ग्रेड पे (Grade Pay) का निर्धारण
  • कार्य मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता
  • लंबित 27% वेतन वृद्धि (Pending 27% Salary Hike)
  • नियमित भर्ती में आरक्षण (Reservation in Recruitment)
  • अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment)
  • मेडिकल व अन्य अवकाश की सुविधा (Medical & Other Leaves)
  • स्थानांतरण नीति (Transfer Policy)
  • न्यूनतम 10 लाख का कैशलेस चिकित्सा बीमा (Cashless Health Insurance)

कर्मचारियों का कहना है कि वे बीते 20 सालों से प्रदेश की सेवा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायित्व और समान अधिकार अब तक नहीं मिला है।

स्वास्थ्य सेवाएं ठप, मरीजों की बढ़ी परेशानी

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हड़ताल का सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण (Vaccination), मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं (Mother & Child Health), डिलीवरी केस (Delivery Cases), लैब जांच (Lab Tests) और आपातकालीन सेवाएं (Emergency Services) प्रभावित हो रही हैं। मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और कई जगह लोग मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।

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आंदोलन लंबा खिंचने पर संकट

अगर हड़ताल लंबी चली तो छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। सरकार की चुप्पी और अब तक ठोस पहल न होने से कर्मचारियों में गुस्सा और बढ़ता जा रहा है।

कर्मचारियों ने साफ कहा है कि यह केवल उनकी नौकरी की सुरक्षा की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ आंदोलन है।

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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1: एनएचएम कर्मचारी किस मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं?
उत्तर: कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों जैसे संविलियन, ग्रेड पे निर्धारण, मेडिकल बीमा और 27% वेतन वृद्धि को लेकर हड़ताल कर रहे हैं।

प्रश्न 2: हड़ताल का असर कहां दिख रहा है?
उत्तर: ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। खासकर टीकाकरण, डिलीवरी केस और आपातकालीन सेवाओं पर असर पड़ा है।

प्रश्न 3: आंदोलन कब से चल रहा है?
उत्तर: यह आंदोलन 16 अगस्त से शुरू हुआ है और अब तक लगातार जारी है।

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