छत्तीसगढ़ में NHM कर्मियों की हड़ताल जारी: डिप्टी CM से मुलाकात के दौरान कर्मचारी नेता हिरासत में, सरकार का रुख सख्त

CG NHM Strike: छत्तीसगढ़ में NHM कर्मियों की हड़ताल जारी, डिप्टी CM से मुलाकात के दौरान कर्मचारी नेता हिरासत में, सरकार का रुख सख्त

CG NHM Strike

CG NHM Strike: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारी पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite Strike) पर हैं। 16,000 से ज्यादा कर्मचारी काम पर न लौटने की वजह से प्रदेश के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं (Health Services) बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

डिप्टी सीएम से मुलाकात और कर्मचारी नेता हिरासत में

[caption id="" align="alignnone" width="651"]publive-image NHM कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष को ले गई पुलिस[/caption]

शनिवार को एनएचएम कर्मचारी संघ (NHM Employees Union) के पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर बिलासपुर (Bilaspur) सर्किट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने डिप्टी सीएम अरुण साव (Deputy CM Arun Sao) से मुलाकात की।

इसी दौरान अचानक पुलिस ने एनएचएम कर्मचारी संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे (Shyam Mohan Dubey) को उठाकर थाने ले गई। इस कार्रवाई से कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया और सैकड़ों कर्मचारी थाने पहुंच गए।

यह भी पढ़ें: CG में NHM कर्मियों की हड़ताल पर सरकार सख्त: अल्टीमेटम जारी कर काम पर लौटने का आदेश, अनुपस्थित रहने पर होगी सेवा समाप्त

कर्मचारियों का दर्द – “कोरोना काल में जान जोखिम में डाली”

[caption id="" align="alignnone" width="651"]publive-image कर्मचारियों ने की आवाज बुलंद[/caption]

एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना काल (Corona Pandemic) के दौरान उन्होंने जान हथेली पर रखकर काम किया। उन्होंने कहा, “हमारा भी परिवार है, लेकिन मजबूरी में हमें हड़ताल का सहारा लेना पड़ा। जब तक नियमितीकरण (Regularisation) और अन्य सुविधाओं से जुड़ी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।”

सरकार का सख्त रुख, बर्खास्तगी का नोटिस

वहीं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (Department of Health and Family Welfare) ने शुक्रवार को सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को आदेश जारी किया है।

आदेश में कहा गया है कि अगर कर्मचारी अब भी काम पर नहीं लौटते तो उनके खिलाफ सेवा समाप्ति (Termination of Service) की कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों में असुरक्षा और नाराजगी दोनों ही बढ़ गई है।

देखें आदेश-

आंदोलन का असर और आगे की राह

विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबी हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था (Health System) चरमराई हुई है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी संघ का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें पूरी नहीं कीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

FAQ

Q1. छत्तीसगढ़ में एनएचएम कर्मचारी कितने दिनों से हड़ताल पर हैं?
एनएचएम कर्मचारी पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।

Q2. एनएचएम कर्मचारियों की मुख्य मांग क्या है?
उनकी प्रमुख मांग नियमितीकरण और अन्य सुविधाओं से जुड़ी है।

Q3. हड़ताल से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर क्या असर पड़ा है?
16,000 से ज्यादा कर्मचारियों की हड़ताल से अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं।

Q4. सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों को लेकर क्या रुख अपनाया है?
सरकार ने आदेश जारी किया है कि अगर कर्मचारी काम पर नहीं लौटते तो उनकी सेवा समाप्त की जाएगी।

यह भी पढ़ें: Raipur:13 साल बाद किसानों को बड़ी राहत! रायपुर एयरपोर्ट विस्तार की जमीन का मुआवजा बढ़ाकर ₹25 लाख प्रति हेक्टेयर किया गया

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article