छत्तीसगढ़ में NHM कर्मियों की हड़ताल 31वें दिन भी जारी: PM मोदी के जन्मदिन पर बांटी खिचड़ी, कल रायपुर में जेल भरो आंदोलन

CG NHM Contract Workers Strike: छत्तीसगढ़ में NHM कर्मियों की हड़ताल 31वें दिन भी जारी, PM मोदी के जन्मदिन पर बांटी खिचड़ी, कल रायपुर में जेल भरो आंदोलन

Chhattisgarh News

CG NHM Contract Workers Strike: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारी लगातार 31 दिनों से हड़ताल पर हैं। सरकार की चेतावनी और अल्टीमेटम का असर कर्मचारियों पर नहीं दिखा। उल्टा कर्मचारियों ने आदेश की प्रतियां जलाकर और मुंडन कराकर विरोध दर्ज कराया।

वहीं बिलासपुर (Bilaspur) में एनएचएम कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के जन्मदिवस पर खिचड़ी का भोग बनाकर लोगों में प्रसाद बांटा। संगठन ने इसे प्रतीकात्मक विरोध बताते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई में किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

यह भी पढ़ें: बस्तर में 84 सरकारी दुकानों से गरीबों का अनाज गायब: 6565 क्विंटल पीडीएस चावल का कोई हिसाब नहीं, बड़ा घोटाला उजागर

[caption id="" align="alignnone" width="730"]publive-image खिचड़ी का भोग बनाकर लोगों में प्रसाद बांटा।[/caption]

रायपुर में होगा जेल भरो आंदोलन

एनएचएम संगठन ने घोषणा की है कि गुरुवार 18 सितम्बर को रायपुर (Raipur) में प्रदेशस्तरीय जेल भरो आंदोलन होगा। इसमें प्रदेशभर से करीब 16,500 संविदा कर्मचारी शामिल होंगे। संगठन का कहना है कि सरकार यदि दमनकारी रवैया अपनाएगी, तो आंदोलन और उग्र होगा।

स्वास्थ्य सचिव और सीएमएचओ (CMHO) के उस आदेश में कहा गया था कि 16 सितम्बर तक कार्यभार ग्रहण न करने वाले कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर दिया जाएगा। इस आदेश का कर्मचारियों ने कड़ा विरोध किया। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि चाहे बर्खास्तगी हो, वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। नारे भी लगाए गए – “दमन के आगे नहीं झुकेंगे, दमन किया तो और लड़ेंगे।”

नियमितीकरण और ग्रेड पे है मुख्य मांग

कर्मचारियों की मुख्य मांग नियमितीकरण (Regularisation) और ग्रेड पे (Grade Pay) को लेकर है। संगठन का कहना है कि जब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता, हड़ताल जारी रहेगी।

18 अगस्त से जारी इस हड़ताल ने स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिला अस्पताल (District Hospital), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों (Rural Health Centers) में अधिकांश सेवाएं ठप हैं। बारिश और मौसमी बीमारियों के दौर में मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।

[caption id="" align="alignnone" width="730"]publive-image NHM कर्मचारियों ने मुंडन करवाकर विरोध जताया।[/caption]

आंदोलन और उग्र होने की चेतावनी

संगठन के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे (Shyam Mohan Dubey) ने कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके।

यह भी पढ़ें: जशपुर में ईब नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण की मंजूरी: 9.18 करोड़ की लागत से बनेगा ब्रिज, सालों पुरानी मांग होगी पूरी

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article