छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग ने 5 अफसरों को किया निलंबित: डिप्टी सीएम अरुण साव ने लापरवाही बरतने पर लिया एक्शन

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग ने 5 अफसरों को किया निलंबित: डिप्टी सीएम अरुण साव ने लापरवाही बरतने पर लिया एक्शन

छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग ने 5 अफसरों को किया निलंबित: डिप्टी सीएम अरुण साव ने लापरवाही बरतने पर लिया एक्शन

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने विभागीय समीक्षा के बाद 5 अफसरों को निलंबित कर दिया है. इन अधिकारियों पर लापरवाही बरतने के लिए एक्शन लिया गया है.

दरअसल, डिप्टी सीएम ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की फाइलों की जांच की. काम में लापरवाही और गुणवत्ताहीन कार्यों पर नाराज होकर इन पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. इनमें सीएमओ सुमित मेहता सहित 3 इंजीनियर और 1 लेखपाल शामिल हैं.

   गुणवत्ताहीन कार्य और लापरवाही के लिए निलंबन का आदेश

रायगढ़ जिले (Chhattisgarh News) के घरघोड़ा नगर पंचायत के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित पांच अधिकारियों को नगर पंचायत में निर्माण कार्यों में गुणवत्ताहीन कार्य और लापरवाही के लिए निलंबन का आदेश मंत्रालय से जारी किया गया है.

नगरीय प्रशासन विभाग ने विभिन्न वार्डों में कराए गए सीसी रोड निर्माण कार्य निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं कराने, कार्य का भौतिक निरीक्षण नहीं करने, गुणवत्ताहीन सीसी रोड निर्माण कार्य का भुगतान करने, निजी और सार्वजनिक भूमि का सत्यापन किए बिना सीसी रोड निर्माण कार्य कराने आदि के लिए कार्रवाई की है.

   7 फरवरी 2024 को आई एक रिपोर्ट के आधार पर एक्शन

नगरीय प्रशासन विभाग ने  7 फरवरी 2024 को आई एक रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ सुमित मेहता, उप अभियंता अजय प्रधान, उप अभियंता प्रदीप पटेल, उप अभियंता निखिल जोशी और लेखापाल जयानंद साहू को निलंबित किया है.

जानकारी के अनुसार, प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुमित मेहता पर किसी भी काम को पूरी तरह से निरीक्षण नहीं करने का आरोप लगा था. कई जगहों पर विकास नहीं कराने की बात सामने आई थी.

CMO पर आरोप था कि उन्होंने निविदा के प्रारुप को अनुमोदन सक्षम अधिकारी से नहीं कराया. इसके साथ ही विभिन्न वार्डों में बनाए गए सीसी रोड का कार्य भी मापदंड के अनुरूप नहीं था.

वहीं सीसी रोड निर्माण कार्य का पेमेंट करने सहित अन्य मामलों में CMO की भूमिका गैर जिम्मेदाराना रहा. इसी के चलते राज्य सरकार ने सुमित मेहता को सस्पेंड कर दिया. मेहता को संयुक्त संचालक कार्यालय बिलासपुर में अटैच कर दिया गया है.

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