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छत्तीसगढ़ के बीजेपी नेताओं को मिला टास्क: खास अंदाज में मनाएंगे हरेली तिहार, निकाय चुनाव से पहले भाजपा की तैयारी

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बीजेपी नेताओं को मिला टास्क: खास अंदाज में मनाएंगे हरेली तिहार, गांव-गांव में पहुंचेंगे कार्यकर्ता

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Harsh Verma
छत्तीसगढ़ के बीजेपी नेताओं को मिला टास्क: खास अंदाज में मनाएंगे हरेली तिहार, निकाय चुनाव से पहले भाजपा की तैयारी

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में बीजेपी नेताओं को खास अंदाज और गांव-गांव में हरेली त्योहार को मनाने का टास्क मिला है. बीजेपी नेता त्योहार में गेड़ी भी चढ़ेंगे और नारियल फेंकने जैसे गेम्स कराएंगे. इसके साथ ही निकाय चुनाव से पहले 15 जुलाई से सितंबर महीने तक के कार्यक्रम भी तय किए गए हैं.

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इस टाइम टेबल में बैठकों के साथ-साथ गुरु पूर्णिमा और तीज पर्व जैसे त्योहारों पर होने वाले आयोजन भी शामिल हैं. बता दें कि पिछली कांग्रेस शासन में हरेली का त्योहार सीएम निवास में मनाया जाता था. तब पूर्व सीएम भूपेश बघेल गेड़ी चढ़ा करते थे. उस समय बीजेपी के नेता इसे दिखावा कहते थे.

   मंडल और बूथ स्तर पर होंगे कार्यक्रम

बीजेपी नेताओं को कहा गया है कि हरेली तिहार वाले दिन गांव में कार्यक्रम करवाएं. गेड़ी चढ़ने और गांव में नारियल फेंकने के गेम्स करवाए जाएंगे. यह कार्यक्रम मंडल व बूथ स्तर पर कराएं जाएं. रायपुर (Chhattisgarh News) के बीजेपी कार्यालय एकात्मक परिसर में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव ने कहा कि कार्यकर्ता पंचायत से पार्लियामेंट तक बीजेपी का परचम लहराने के लिए संकल्पित हैं.

किरणदेव ने के बताए कार्ययोजना के अनुसार, बीजेपी स्थानीय तीज-त्योहार को लेकर लोगों को साथ जोड़ेगी. बीजेपी हरेली पर गांव-गांव में आयोजन से माहौल बनाएगी. तो वहीं शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करेगी. जिससे बड़े वर्ग में बीजेपी अपनी पकड़ बनाएगी.

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   मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा: किरण देव

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किरण देव ने निगम-मंडलों और मंत्रिमंडल के सवालों को लेकर कहा कि निगम-मंडलों में नियुक्तियों का विषय सीएम का है. निश्चित रूप से सीएम साय इस पर विचार कर रहे हैं. मंत्रिमंडल विस्तार और खुद के मंत्री बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा में स्पष्ट प्रक्रिया है कि किस कार्यकर्ता को क्या जवाबदारी देना है? कौन सरकार और कौन संगठन का अंग बनेगा, इसका फैसला करने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व है.

   नगरीय निकाय चुनाव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कराने को लेकर क्या कहा?

नगरीय निकाय चुनाव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कराने को लेकर किरण देव ने कहा कि जो सर्व सुविधाजनक हो, जो जनता के हित में हो, परिणामदायक हो वही होगा. पहले चुनाव प्रत्यक्ष रूप से हुआ करता था. जनता महापौर और अध्यक्ष का चुनाव करती थी.

कांग्रेस ने बीच में 5 साल इसे बदल दिया. इसमें पार्षदों के जरिए महापौर और अध्यक्ष चुने जाने लगे. दोनों के अलग-अलग रिजल्ट होते हैं. अब सीएम साय अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ बैठकर इस पर फैसला करेंगे.

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