नक्सलियों का सामन करते हुए DRG के प्रधान आरक्षक शहीद: अबूझमाड़ के जंगल में हुई मुठभेड़, दोपहर 1 बजे से गोलीबारी जारी

Chhattisgarh Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार मुठभेड़ों के बीच आज अबूझमाड़ के सोनपुर और कोहकामेटा के सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ हुई।

Chhattisgarh Naxal Encounter

Chhattisgarh Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार मुठभेड़ों के बीच आज अबूझमाड़ के सोनपुर और कोहकामेटा के सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) नारायणपुर के प्रधान आरक्षक बीरेंद्र कुमार सोरी शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि BSF और DRG की टीम जंगल में नक्सलियों के एंबुश में फंसी हुई है।

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दोपहर 1 बजे से रुक-रुक कर हो रही थी मुठभेड़

यह मुठभेड़ तब हुई जब नारायणपुर जिले में नक्सल विरोधी सर्च अभियान के तहत 3 दिसंबर को डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम सोनपुर और कोहकामेटा के सीमावर्ती क्षेत्र में रवाना हुई थी।

आज दोपहर लगभग 1 बजे से सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच कई बार रुक-रुक कर मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के दौरान नारायणपुर में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर पदस्थ बीरेंद्र कुमार सोरी (36) को गोली लगी। बीरेंद्र कुमार सोरी नक्सलियों का बहादुरी से सामना करते हुए शहीद हो गए।

कांकेर जिले के नरहरपुर के निवासी थे शहीद वीरेंद्र कुमार सोरी

प्रधान आरक्षक बीरेंद्र कुमार सोरी कांकेर जिले के नरहरपुर के निवासी थे। उन्होंने 2010 में नारायणपुर जिला बल में आरक्षक के रूप में सेवा की शुरुआत की थी। 2018 में नक्सल ऑपरेशन में उनकी अदम्य साहस और वीरता को देखते हुए उन्हें पदोन्नति देकर प्रधान आरक्षक बनाया गया था। उनकी उम्र 36 वर्ष थी। फिलहाल, मुठभेड़ स्थल पर सुरक्षा बलों का नक्सल विरोधी गश्त और तलाशी अभियान जारी है।

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