हाईकोर्ट से चैतन्य बघेल को बड़ा झटका: शराब घोटाले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज, EOW को 6 अक्टूबर तक मिली रिमांड

Chaitanya Baghel: हाईकोर्ट से चैतन्य बघेल को बड़ा झटका, शराब घोटाले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज, EOW को 6 अक्टूबर तक मिली रिमांड

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Chaitanya Baghel: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Plea) खारिज कर दी। जस्टिस अरविंद वर्मा (Justice Arvind Verma) की सिंगल बेंच ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। चैतन्य ने ईओडब्ल्यू (EOW) की संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए याचिका लगाई थी।

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ईडी ने जन्मदिन पर किया था गिरफ्तार

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गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन यानी 18 जुलाई को भिलाई (Bhilai) स्थित घर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई थी। शराब घोटाले की जांच ईडी ने एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर (Raipur) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी।

घोटाले से जुड़े करोड़ों के लेन-देन

ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले (Liquor Scam) से 16.70 करोड़ रुपए नगद मिले। यह रकम उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों (Real Estate Firms) में निवेश की। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ठेकेदारों को नकद भुगतान और नकदी से बैंक एंट्रीज कराई गईं।

इतना ही नहीं, त्रिलोक सिंह ढिल्लों (Trilok Singh Dhillon) के साथ मिलकर “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट (Vitthalpuram Project)” के फ्लैट खरीद की आड़ में करीब 5 करोड़ रुपए भी अप्रत्यक्ष रूप से लिए गए।

पहले से सलाखों के पीछे कई बड़े नाम

Kawasi Lakhma Case

इस घोटाले में पहले ही कई बड़े चेहरे जेल पहुंच चुके हैं। ईडी ने पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा (Anil Tuteja), अरविंद सिंह (Arvind Singh), त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर (Anwar Dhebar), आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी (Arun Pati Tripathi) और पूर्व मंत्री कवासी लखमा (Kawasi Lakhma) को गिरफ्तार कर चुकी है। अभी भी मामले की जांच जारी है और कई पर शिकंजा कसना बाकी है।

अब बढ़ी चैतन्य की मुश्किलें

हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब चैतन्य बघेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ईओडब्ल्यू उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। राजनीतिक गलियारों में यह मामला एक बार फिर गरमाने लगा है, वहीं विपक्ष इसे लेकर सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साध रहा है।

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