CG Liquor Scam: ED कोर्ट ने की अनवर ढेबर की अर्जी मंजूर, शराब निर्माता कंपनियों समेत 8 नए आरोपियों के खिलाफ समन जारी

CG Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में नई कार्रवाई हुई है। सोमवार को ED कोर्ट ने जेल में बंद मुख्य आरोपी अनवर ढेबर की अर्जी को स्वीकार करते हुए शराब निर्माता कंपनियों समेत 8 नए लोगों को आरोपी बनाया है।

CG Liquor Scam Case

CG Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में नई कार्रवाई हुई है। सोमवार को ईडी (एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट) कोर्ट ने जेल में बंद मुख्य आरोपी अनवर ढेबर की अर्जी को स्वीकार करते हुए शराब निर्माता कंपनियों समेत 8 नए लोगों को आरोपी बनाया है।

कोर्ट ने इनके खिलाफ समन जारी किए हैं। इनमें भाटिया वाइन एंड मर्चेंट प्राइवेट लिमिटेड, छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज और वेलकम डिस्टिलरीज जैसी शराब निर्माता कंपनियां शामिल हैं।  

ढेबर की अर्जी मंजूर, 28 फरवरी को अगली सुनवाई 

अनवर ढेबर ने धारा 190 सीआरपीसी के तहत विशेष न्यायालय में आवेदन किया था, जिसमें उन्होंने शराब कंपनियों को आरोपी बनाने की मांग की थी। लंबी बहस के बाद कोर्ट ने इस आवेदन को स्वीकार कर लिया।

अब 28 फरवरी को इस मामले में अगली सुनवाई होगी। ढेबर के वकील अमीन खान ने कहा कि ईडी ने स्वीकार किया है कि शराब निर्माताओं ने 1200 करोड़ रुपए कमाए हैं, लेकिन उन्हें आरोपी क्यों नहीं बनाया जा रहा है?  

[caption id="attachment_766044" align="alignnone" width="752"]CG Liquor Scam Case 3 शराब निर्माता कंपनी और शराब कारोबार से जुड़ी कंपनियों को कोर्ट ने तलब किया है।[/caption]

आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी जांच

ईडी कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ अभी प्रॉसिक्यूशन सैंक्शन नहीं आया है।

हालांकि, जैसे ही प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट सैंक्शन मिलेगा, उनके खिलाफ भी जांच शुरू की जाएगी। इसके अलावा, ईडी कोर्ट ने शराब कारोबार से जुड़ी कंपनियों और उनके अधिकारियों को समन जारी किया है।  

नकली शराब और होलोग्राम का खेल

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में शराब निर्माता कंपनियों पर नकली शराब बनाने और फर्जी होलोग्राम लगाने के आरोप लगे हैं। प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड (PHSF) नामक कंपनी ने 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ की डिस्टिलरियों को नकली होलोग्राम उपलब्ध कराए थे। इन होलोग्राम को अवैध शराब की बोतलों पर चिपकाया जाता था।  

यूपी एसटीएफ ने किया था खुलासा

यूपी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने अनवर ढेबर और एपी त्रिपाठी से पूछताछ के दौरान खुलासा किया था कि नोएडा स्थित PHSF कंपनी को होलोग्राम बनाने का टेंडर मिला था।

इसके बाद डुप्लीकेट होलोग्राम बनाकर तीनों डिस्टिलरीज को भेजा जाता था। यूपी एसटीएफ ने पहले भी तीनों डिस्टिलरीज के मालिकों को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे हाजिर नहीं हुए थे।  

10 मार्च को EOW कोर्ट में सुनवाई  

ईडी कोर्ट के अलावा, अनवर ढेबर ने EOW (इकोनॉमिक ऑफेंस विंग) कोर्ट में भी शराब निर्माता कंपनियों और 8 अन्य लोगों को आरोपी बनाने के लिए आवेदन किया है। इस मामले में सोमवार को सुनवाई टल गई थी। अब अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी।  

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क्या है पूरा मामला?

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में अनवर ढेबर और उनके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने शराब निर्माण और वितरण में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की।

ईडी के अनुसार, इस घोटाले में 1200 करोड़ रुपए की राशि शराब निर्माता कंपनियों ने कमाई है। ढेबर का आरोप है कि ईडी शराब निर्माता कंपनियों को बचाने की कोशिश कर रही है।

इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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