Chhattisgarh Bomb Blast : प्रेशर बम के धमाके से दहला इलाका

Chhattisgarh Bomb Blast : प्रेशर बम के धमाके से दहला इलाका, Chhattisgarh Bomb Blast: Area shaken by pressure bomb blast

Chhattisgarh Bomb Blast : प्रेशर बम के धमाके से दहला इलाका

Chhattisgarh Bomb Blast बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में शनिवार को प्रेशर बम की चपेट में आने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक अधिकारी घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र के अंतर्गत पेगड़ापल्ली और मुकुर गांव के मध्य प्रेशर बम की चपेट में आने से सीआरपीएफ के 153वीं बटालियन के सहायक उप निरीक्षक मोहम्मद असलम घायल हो गए।

उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ का दल तर्रेम थाना क्षेत्र में गश्त के लिए रवाना हुआ था। दल जब सीआरपीएफ के 153वीं वाहिनी के शिविर पेगड़ापल्ली और मुकुर गांव के मध्य था, तभी असलम का पैर प्रेशर बम के उपर चला गया। इससे बम में विस्फोट हो गया और इस घटना में असलम घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि असलम को बासागुड़ा के फील्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रायपुर भेजा जा रहा है।

यहां बता दें कि छत्तीसगढ़ के कई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आए दिन नक्सलियों के हमले और उनके द्वारा किए जा रहे ब्लास्ट की खबरे आती रहती हैं। एक बार NIA ने खुलासा करते हुए बताया था कि छोटे और मझोले किस्म के नक्सली नेता अपने इलाकों में लोगों से जबरन वसूली करते हैं। जानकारी के मुताबिक पिछले कुछ दशकों में पकड़ाए नक्सलियों के बयान को देखें तो उन्होंने बताया है कि माओवाद प्रभावित इलाकों में जो लोग कॉर्पोर्ट बिजनेस करते हैं, उनसे नक्सली जबरन वसूली करते है्ं।

खासकर बिहार और झारखंड में तो नक्सली इस सोर्स से ही फंडिंग इक्कठा करते हैं। इसके अलावा माइनिंग क्षेत्र में लगे कंपनियों से नक्सली टैक्स लेते हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में तो यह कारोबार उन्हें बिना टैक्स दिए चलता ही नहीं। खासकर अगर कोई कंपनी अवैध उत्खनन कर रही है तो इसमें उनकी बड़ी दखलंदाजी होती है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के नक्सल प्रभावित इलाकों में अवैध उत्खनन की संख्या काफी ज्यादा है।

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