छत्तीसगढ़ बिरनपुर कांड में CBI की चार्जशीट दाखिल: राजनीतिक साजिश से इनकार, गवाहों की गवाही के बाद आएगा कोर्ट का फैसला

CG Biranpur Kand: छत्तीसगढ़ बिरनपुर कांड में CBI की चार्जशीट दाखिल, राजनीतिक साजिश से इनकार, गवाहों की गवाही के बाद आएगा कोर्ट का फैसला

बिरनपुर सांप्रदायिक हिंसा: CBI ने 12 आरोपियों के खिलाफ दर्ज की FIR, पूछताछ के बाद नए सिरे से होगी जांच

CG Biranpur Kand: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के चर्चित बिरनपुर कांड (Biranpur Kand) की जांच पूरी कर सीबीआई (CBI) ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह मामला राजनीतिक हत्या (Political Murder) नहीं था। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में किसी भी राजनीतिक साजिश (Political Conspiracy) की संभावना से इनकार किया है।

वहीं, चार्जशीट में अंजोर यदु (Anjor Yadu) का नाम कहीं भी उल्लेखित नहीं किया गया है। जबकि स्थानीय विधायक ईश्वर साहू (Ishwar Sahu) लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि अंजोर यदु का इस हत्या कांड में हाथ है। सीबीआई की चार्जशीट से इस विवाद पर फिलहाल विराम लगता दिखाई दे रहा है।

क्या था बिरनपुर कांड?

[caption id="attachment_505380" align="alignnone" width="497"]publive-image गांव में दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ था।[/caption]

8 अप्रैल 2023 को छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिरनपुर (Biranpur) गांव में दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ था। इस झगड़े के दौरान भुनेश्वर साहू (Bhuneshwar Sahu) की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद विवाद ने बड़ा रूप ले लिया और इसे धार्मिक रंग देने की कोशिश भी की गई।

बताया जाता है कि पूरा विवाद बच्चों की मामूली मारपीट से शुरू हुआ था। लेकिन देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और गांव में कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि प्रशासन को धारा 144 (Section 144) लागू करनी पड़ी और करीब दो सप्ताह तक गांव में कर्फ्यू लगा रहा।

[caption id="" align="alignnone" width="530"]publive-image करीब दो सप्ताह तक गांव में कर्फ्यू लगा रहा।[/caption]

इस घटना के महज दो दिन बाद रहीम (Rahim, 55 वर्ष) और उनके बेटे ईदुल मोहम्मद (Idul Mohammad, 35 वर्ष) की भी हत्या कर दी गई। इस पूरे प्रकरण ने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींचा।

गृहमंत्री ने की थी सीबीआई जांच की घोषणा

[caption id="" align="alignnone" width="482"]publive-image चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अगला चरण गवाहों की गवाही[/caption]

विधानसभा में गृहमंत्री विजय शर्मा (Vijay Sharma) ने कहा था कि जिन लोगों पर पुख्ता सबूत मिले हैं, वे जेल में हैं और जिन पर नहीं मिले, उनकी विवेचना जारी है। जब विधायक ईश्वर साहू (Ishwar Sahu) ने फिर से न्याय की मांग की, तो गृहमंत्री ने उनके दर्द को समझते हुए सीबीआई जांच की घोषणा कर दी।

इसके बाद 27 अप्रैल 2024 को सीबीआई की टीम पहली बार बिरनपुर (Biranpur) पहुंची और बेमतरा (Bemetara), साजा (Saja) और बिरनपुर के अधिकारियों से चर्चा की। पुलिस की विवेचना की जानकारी लेकर सीबीआई ने नए सिरे से जांच की और अब चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी है।

आगे क्या होगा?

चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अगला चरण गवाहों की गवाही (Witness Testimony) का है। कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज होंगे और उसी आधार पर फैसला सुनाया जाएगा। यानी बिरनपुर कांड (Biranpur Kand) का अंतिम नतीजा अभी आना बाकी है, लेकिन सीबीआई की रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि इसमें राजनीतिक साजिश का कोई एंगल नहीं है।

यह भी पढ़ें: Raipur Meat Sale Ban:अक्टूबर में इतने दिन नहीं बिकेंगे मीट, रायपुर निगम ने लगाया प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article