Chennai ED Raids: कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी हमेशा के लिए बंद, 7 ठिकानों पर ED ने मारा था छापा

Chennai ED Raids: 'किलर' कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी के ठिकानों पर ED का छापा, 7 ठिकानों पर कार्रवाई जारी chennai-ed-raids-conldrif-cough-syrup-company-7-locations-hindi-news-pds

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Chennai ED Raids: तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिया। कंपनी को हमेशा के लिए बंद करने की घोषणा की। सरकार को श्रीसन फार्मा की फैक्ट्री में 350 से ज्यादा गंभीर श्रेणी की गड़बड़ियां मिली थीं। कोल्ड्रिफ सिरप पीने से मध्य प्रदेश में अब तक 25 बच्चों की मौत हो चुकी है।

7 ठिकानों पर मारा था छापा

चेन्नई में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने सोमवार को तमिलनाडु की स्रेसन फार्मास्युटिकल्स कंपनी के मालिक एस. रंगनाथन के घर और उनसे जुड़े सात ठिकानों पर छापेमारी की। यह वही कंपनी है जिसने कोल्ड्रिफ खांसी की दवा बनाई थी, जिसे मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई बच्चों की मौत से जोड़ा गया है।

जानकारी के मुताबिक, ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की। छापे सिर्फ कंपनी के दफ्तरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल ऑफिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के घरों पर भी मारे गए।

बता दें, कुछ दिन पहले ही एस. रंगनाथन को गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उनकी कंपनी द्वारा बनाई गई खांसी की दवा पीने से मध्य प्रदेश और राजस्थान में करीब 20 बच्चों की मौत हुई थी। गिरफ्तारी तब हुई जब मध्य प्रदेश पुलिस की एक टीम चेन्नई और कांचीपुरम पहुंची थी।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 और 276 समेत 27A एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल ईडी जांच में यह पता लगाने में जुटी है कि दवा बनाने और बेचने में हुई लापरवाही के पीछे मनी लॉन्ड्रिंग या किसी बड़े रैकेट का हाथ तो नहीं है।

MP में FDA ने छिंदवाड़ा  पुलिस को सौंपी रिपोर्ट 

खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग (FDA) ने एक रिपोर्ट पुलिस को सौंपी है, जिसमें बताया गया है कि छिंदवाड़ा के पुराना पावर हाउस क्षेत्र में स्थित 'न्यू अपना फार्मा' के होलसेलर राजेश सोनी पर 'कोल्ड्रिफ' कफ सिरप से संबंधित रिकॉर्ड न रखने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, राजेश सोनी ने न केवल सिरप की बिक्री का कोई लेखा-जोखा नहीं रखा, बल्कि जाँच टीम को सिरप की शेष बची हुई बोतलें भी ज़ब्त करने के लिए उपलब्ध नहीं कराईं।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय पांडे ने जानकारी दी कि FDA की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अब इस दृष्टिकोण से जाँच कर रही है कि इन लोगों ने सबूत क्यों मिटाए। उन्होंने यह भी कहा कि सबूत नष्ट करने के आरोप में इन व्यक्तियों के खिलाफ जल्द ही मामला दर्ज किया जा सकता है।

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