MP: प्रदेशभर में यात्री वाहनों के लिए चेकिंग अभियान शुरू, परिवहन मंत्री ने भोपाल में किया बसों का औचक निरीक्षण

MP: प्रदेशभर में यात्री वाहनों के लिए चेकिंग अभियान शुरू, परिवहन मंत्री ने भोपाल में किया बसों का औचक निरीक्षणChecking campaign of passenger vehicles in MP After Sidhi Bus Accident Transport Minister Govind Singh inspected buses in Bhopal

MP: प्रदेशभर में यात्री वाहनों के लिए चेकिंग अभियान शुरू, परिवहन मंत्री ने भोपाल में किया बसों का औचक निरीक्षण

भोपाल: सीधी बस हादसे के बाद प्रदेश का परिवहन विभाग भी सक्रिय हो गया है। आज से प्रदेशभर में यात्री वाहनों का विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान सात दिनों तक चलेगा। इसी बीच भोपाल में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (Transport Minister Govind Singh Rajput) ने खुद बसों का औचक निरीक्षण किया।

मंत्री गोविंद सिंह परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ गुरुवार सुबह भोपाल के 11 मील इलाके में पहुंचे और यहां से गुजर रही बसों और चेकिंग व्‍यवस्‍था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्‍होंने कहा, यह चेकिंग अभियान सात दिन नहीं, बल्कि निरंतर चलेगा। नियमों का पालन नहीं किया गया तो ड्राइवरों के लाइसेंस निरस्‍त कर दिए जाएंगे। लापरवाही बरतने वाले किसी भी अफसर और परिवहन माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।

दरअसल प्रदेशभर में आज से यात्री वाहनों की जांच के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा ने बुधवार देर शाम इस संबंध में सभी जिलों के आरटीओ को निर्देश जारी किए। आज से एक सप्ताह तक पूरे प्रदेश में यात्री वाहनों की जांच का अभियान चलेगा।

इस दौरान यात्री वाहनों का फिटनेस, सुरक्षा के लिए लगवाए गए दोनों दरवाजे और स्पीड गवर्नर की जांच कराई जाएगी। यदि कहीं गड़बड़ी या लापरवाही पाई जाती है तो बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कल परिवहन मंत्री ने कहा था, यात्री वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की एक वजह वाहनों का निर्धारित गति से अधिक रफ्तार से चलना भी है। यात्री बस के ड्राइवर-कंडक्टर अधिक सवारियों के लोभ में तेज गति से वाहन दौड़ाते हैं, जिससे वाहनों की तेज गति दुर्घटना का कारण बनती है। चेकिंग के दौरान अधिकारी स्पीड गवर्नर लगे हैं या नहीं, यह भी चेक करें। यात्री बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने के कारण भी दुर्घटनाएं होती हैं, इस पर भी ध्यान दें। किसी भी हालत में यात्रियों की जान-माल से समझौता नहीं किया जायेगा।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article