Check Fake Fruits: तरबूज के गूदे को कॉटन से रगड़ें, लाल हो जाए तो समझें मिलावटी; केले और आम को ऐसे जांचे

Check Fake Fruits: तरबूज के गूदे को कॉटन से रगड़ें, अगर लाल हो जाए तो समझें मिलावटी; केले और आम को ऐसे जांचे

Check Fake Fruits: तरबूज के गूदे को कॉटन से रगड़ें, लाल हो जाए तो समझें मिलावटी; केले और आम को ऐसे जांचे

हाइलाइट्स

  • नकली फलों की जांचने का आसान तरीका
  • आपकी सेहत को पहुंचा सकते हैं नुकसान
  • बाजार में जांचने के बाद ही खरीदें सभी फल

Check Fake Fruits: गर्मी बढ़ने के साथ ही फलों की मांग भी बढ़ गई है। बढ़ती मांग को देखते हुए बाजारों में काफी मात्रा में नकली फल मिल रहे हैं। आपको बता दें कि इन फलों को केमिकल से पकाया जा रहा है। शायद इन फलों को खाने से आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इन नकली फलों (Check Fake Fruits) की पहचान कैसे की जाए चलिए जानते हैं.....!

नकली तरबूज की ऐसे करें जांच

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सबसे पहले तरबूज को 2 हिस्सों में काट लें। काटने के बाद कॉटन की बॉल बनाकर तरबूज के बीच वाले पार्ट पर लगाकर हल्के से दबाएं।

कॉटन को तरबूज के अंदर वाले पार्ट पर रगड़ने पर यदि कॉटन पर हल्का लाल रंग नजर आए तो समझ जाएं कि इसे लाल करने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया गया है।

वहीं तरबूज को 2 दिन को रखने पर यदि खराब हो जाए, झाग-पानी निकले तो समझिए इसमें इंजेक्शन लगा है।

इंजेक्शन लगे तरबूज के साइड इफेक्ट्स

- तरबूज को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग किया जाता है, जो कि लीवर और किडनी के लिए खतरनाक होता है। इसकी वजह से किडनी डैमेज हो सकती है।

- तरबूज को लाल करने के लिए जिस मेथनॉल यलो का इस्तेमाल किया जाता है, वह कैंसर का कारण बन सकता है।

- तरबूज में लेड क्रोमेट के इस्तेमाल से खून की कमी, दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान और आंखों की रोशनी जाने का खतरा हो सकता है।

- सूडान लाल तरबूज पाचन और पेट से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

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नकली केले की ऐसे करें पहचान

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केला असली है या नकली, इसका पता लगाने के लिए केले (Check Fake Fruits) को खरीदने से पहले खाकर देखें। अगर खाते समय केले में गांठ जैसा लगे तो समझ जाएं कि केले को रसायन से पकाया गया है। जो कि शरीर के लिए हानिकारक होता है।

जिस केले के छिलके पर थोड़े काले धब्बे होते हैं वो बिना कार्बाइड से पका होता है। वहीं जो केला बिल्कुल पीला दिखता है और उस पर कोई धब्बा नहीं होता वो कैमिकल से पका हो सकता है।

कार्बाइड बेसिक तत्व होता है। जब नीले लिटमस पेपर के संपर्क में आता है तो नीला लिटमस पेपर लाल हो जाता है। ऐसा होने पर आप समझ जाएं कि ये केला कार्बाइड से पका हुआ है।

कार्बाइड से पके केले के साइड इफेक्ट्स

- कार्बाइड से पके केले को खाने से पेट में मरोड़, गैस की समस्या हो सकती है। पेट संबंधित बीमारियां पैदा हो सकती है।

- कार्बाइड से पके केले को खाने पर चक्कर आना, जलन, बार-बार प्यास लगना, कमजोरी, कोई चीज निगलने में कठिनाई होना, उल्टी और त्वचा के अल्सर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

इसके साथ ही रेसपिरेटरी सिस्टम से संबंधित परेशानियां, स्किन से जुड़ी एलर्जी के अलावा कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती हैं।

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नकली आम को ऐसे पहचानें

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एक जार में पानी लें और आम को पानी में डालें। अगर आम डूब जाता है, तो वह खाने लायक है। यदि आम नहीं डूबता है और पानी में तैरता है तो समझिए कि उसे कार्बाइड से पकाया गया है।

कार्बाइड से पके आम के साइड इफेक्ट्स

कैल्शियम कार्बाइड से पके हुए आम को खाने से किडनी और लीवर से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। पेट में अल्सर की समस्या हो सकती है। इसके साथ ही कैंसर की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है।

बता दें कि आम में रसायन के इस्तेमाल से आम अच्छी तरह से पकता नहीं है, जो कि सेहत के लिए बेहद खतरनाक होता है।

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