Chaitanya Baghel Remand: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की रिमांड 26 नवंबर तक बढ़ी, EOW-ACB कोर्ट का बड़ा फैसला

Chaitanya Baghel Judicial Remand Extended: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

Chaitanya Baghel Judicial Remand Extended

Chaitanya Baghel Judicial Remand Extended

हाइलाइट्स 

  • चैतन्य बघेल की रिमांड 26 नवंबर तक
  • EOW-ACB कोर्ट ने बढ़ाई न्यायिक हिरासत
  • शराब घोटाले केस में जांच जारी

Chaitanya Baghel Judicial Remand Extended : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बार फिर शराब घोटाले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। इस बहुचर्चित मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड 26 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। यह आदेश आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की विशेष अदालत ने सुनाया है।

EOW-ACB कोर्ट का बड़ा फैसला

[caption id="attachment_929971" align="alignnone" width="1118"]EOW-ACB कोर्ट EOW-ACB कोर्ट[/caption]

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच एजेंसी की दलीलें सुनने के बाद कहा कि केस के दस्तावेज और गवाहों की रिपोर्ट की समीक्षा अभी जारी है। इसी वजह से अदालत ने चैतन्य बघेल को फिलहाल 26 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। बीते दिनों कोर्ट ने उन्हें प्रारंभिक पूछताछ के बाद जेल भेजा था, जहां वे वर्तमान में न्यायिक रिमांड पर हैं।

शराब घोटाले की जांच में तेजी

EOW-ACB ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में कई बड़े कारोबारी, अधिकारी और राजनेताओं से पूछताछ की है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस घोटाले में राज्य के आबकारी विभाग की खरीद-प्रक्रिया से जुड़े कई अनियमितता के सबूत मिले हैं। चैतन्य बघेल की भूमिका को लेकर एजेंसी अब दस्तावेजों और बयान का मिलान कर रही है।

ये भी पढ़ें:  जयपुर में ओवरब्रिज में अटका डंंपर, हवा में लटका केबिन, लोग देखकर हैरान

पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे पर जांच का फोकस

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को इस मामले में हाल ही में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पहले न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। अब अदालत ने रिमांड की अवधि 26 नवंबर तक बढ़ाने का आदेश दिया है, जिससे स्पष्ट है कि जांच एजेंसी को अभी और जानकारी एकत्र करनी है।

राजनीतिक गलियारों में फिर गर्मी

इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गर्म हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने जांच को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताया है, वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि “कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी बचाया नहीं जाएगा।” अब सभी की निगाहें EOW-ACB की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

ये भी पढ़ें:  कोरबा में युवकों ने 2 तहसीलदारों पर किया हमला: मसाज कराने गए थे ब्यूटी पार्लर, दोनों अधिकारियों को सिर में आई चोट

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article