CG University Fees Hike: रावतपुरा यूनिवर्सिटी की एक और गड़बड़ी उजागर! फीस रेगुलेशन सिस्टम को किया दरकिनार, जानें मामला

CG Rawatpura Sarkar University Fees Hike: रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में बी. फार्मा कोर्स की फीस ₹80 हजार तय होने के बावजूद ₹1.20 लाख वसूली जा रही है। फीस विनियामक समिति की बजाय निजी आयोग द्वारा शुल्क तय किए जाने से विवाद बढ़ा।

CG Rawatpura Sarkar University Fees Hike

CG Rawatpura Sarkar University Fees Hike

CG Rawatpura Sarkar University Fees Hike: छत्तीसगढ़ की रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी (Rawatpura Sarkar University) एक बार फिर विवादों में है। इस बार मामला B.Pharmacy course fees को लेकर सामने आया है, जहां फीस विनियामक समिति (Fee Regulatory Committee) की जगह निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग (Private University Regulatory Commission) द्वारा शुल्क तय किया गया। इस निर्णय से छात्रों को कोर्स के लिए सालाना 1.20 लाख रुपये चुकाने पड़ रहे हैं, जबकि बाकी निजी कॉलेजों में यही कोर्स 80 हजार रुपये से भी कम में उपलब्ध है।

फीस निर्धारण के अधिकार को लेकर विभागों में टकराव

[caption id="attachment_854339" align="alignnone" width="1104"]CG Rawatpura Sarkar University Fees Hike CG Rawatpura Sarkar University Fees Hike[/caption]

2008 से प्रदेश में प्रवेश तथा शुल्क विनियामक समिति प्रोफेशनल कोर्स (professional courses) जैसे B.Ed, B.Tech, Nursing, MBA, Pharmacy आदि के लिए फीस तय करती रही है। इसके बावजूद 2024-25 शैक्षणिक सत्र के लिए रावतपुरा यूनिवर्सिटी की फीस (CG University Fees Hike) निजी विवि आयोग ने तय कर दी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह अधिकार अब आयोग के पास नहीं है, बावजूद इसके उसने यह निर्णय लिया।

प्रवेश समिति की तय फीस - 80 हजार से कम

फीस रेगुलेशन समिति ने हाल ही में बी. फार्मा कोर्स के लिए प्रति सेमेस्टर ₹33,800 से लेकर ₹39,700 तक की फीस तय की है। इस हिसाब से सालाना शुल्क अधिकतम ₹79,400 तक है। जबकि रावतपुरा यूनिवर्सिटी में छात्रों से ₹1,20,000 तक की फीस वसूली जा रही है, जो स्पष्ट रूप से निर्धारित मानकों का उल्लंघन है।

अब जारी किया गया निर्देश, आगे नहीं होगा उल्लंघन

मामले के तूल पकड़ने के बाद निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग (Private University Regulatory Commission) ने स्पष्ट किया है कि अब से प्रोफेशनल कोर्स की फीस केवल प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति ही तय करेगी। आयोग के अध्यक्ष डॉ. वीके गोयल ने कहा कि सभी निजी विश्वविद्यालयों को पत्र भेजकर निर्देशित किया गया है कि वे फीस निर्धारण के लिए समिति से मंजूरी लें।

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छात्रों को मिलेगा राहत या फिर मामला बढ़ेगा आगे?

इस विवाद से हजारों छात्रों के आर्थिक हित प्रभावित हो रहे हैं। यदि अब भी तय मानकों के विरुद्ध फीस (CG University Fees Hike) वसूली होती है, तो यह उपभोक्ता अधिकार उल्लंघन (consumer rights violation) माना जाएगा। जरूरत इस बात की है कि राज्य सरकार तत्काल जांच कर कार्रवाई करे और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोके।

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