CG Tourism: केंद्र ने बिलासपुर और जगदलपुर को स्वदेश दर्शन 2.0 में किया शामिल, प्रदेश के इस तीर्थस्थल का भी होगा विकास

CG Tourism: केंद्र ने बिलासपुर और जगदलपुर को स्वदेश दर्शन 2.0 में किया शामिल, प्रदेश के इस तीर्थस्थल का भी होगा विकास

CG Tourism: केंद्र ने बिलासपुर और जगदलपुर को स्वदेश दर्शन 2.0 में किया शामिल, प्रदेश के इस तीर्थस्थल का भी होगा विकास

CG Tourism: छत्तीसगढ़ की गौरवशाली आदिम संस्कृति को देखते हुए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने बिलासपुर और जगदलपुर को स्वदेश दर्शन 2.0 में शामिल किया है. वहीं जशपुर के प्राकृतिक स्थल "मयाली बगीचा" के विकास के लिए इसे उप-योजना "चुनौती आधारित गंतव्य विकास" में शामिल किया गया है. इसके अलावा सूरजपुर जिले के धार्मिक स्थल कुदरगढ़ मंदिर के कायाकल्प के लिए इसे प्रसाद योजना में शामिल किया गया है.

   हमारा छत्तीसगढ़ बन रहा है पर्यटन संपन्न: CM साय

इस फैसले के बाद सीएम साय ने एक्स पर लिखा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और पर्यटन स्थल की भव्यता और उसके कायाकल्प के लिए पर्यटन मंत्रालय द्वारा इन जगहों का चयन किया जाना निश्चित ही प्रदेशवासियों के लिए खुशी का विषय है. मैं प्रदेश के 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का सहृदय आभार व्यक्त करता हूं.

https://twitter.com/vishnudsai/status/1816459736306331808

   क्या है स्वदेश दर्शन 2.0 योजना ?

केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना का उद्देश्य सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से समृद्ध क्षेत्र पूर्वोत्तर में पर्यटन को बढ़ावा देना है. पर्यटन मंत्रालय ने 2022-23 में राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के परामर्श से गंतव्य-केंद्रित दृष्टिकोण के बाद टिकाऊ और जिम्मेदार (sustainable and responsible) पर्यटन स्थलों को विकसित करने के उद्देश्य से स्वदेश दर्शन योजना को नया रूप स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी2.0) दिया है.

   प्रसाद योजना के बारे में जानिए

प्रसाद योजना का पूरा नाम तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्धन अभियान है. इस योजना के तहत, सरकार का लक्ष्य 2021 तक चार चरणों में भारत में 120 तीर्थ स्थलों को विकसित करना है. इस योजना को स्वदेश दर्शन योजना के माध्यम से भारत सरकार के पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय द्वारा समर्थित किया जाता है.

सरकार ने शुरू में 2014-2015 से 2017-2018 (चरण 1) तक चार वर्षों के लिए 100 करोड़ रुपये के बजट के साथ प्रसाद पहल का प्रस्ताव रखा था. प्रस्ताव को 1 अगस्त 2014 को मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा गया था. कैबिनेट ने 20 अगस्त 2014 को इस पहल को मंजूरी दी. प्रसाद योजना भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तीर्थ स्थलों को विकसित करना है. इसे जून 2014 में लॉन्च किया गया था और अगले वित्तीय वर्ष में इसे लागू करने के लिए उपलब्ध कराया गया था.

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