CG Strike Big Breaking: कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज,सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया पूरे प्रदेश के बड़े अधिकारियों को पत्र

CG Strike Big Breaking: कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज,सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया पूरे प्रदेश के बड़े अधिकारियों को पत्र

CG Strike Big Breaking

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य में हड़ताल और आंदोलन को लेकर गए तमाम शिक्षकों और कर्मचारियों पर बड़ी गाज गिर सकती है।दरअसल सामान्य प्रशासन विभाग उपसचिव ने सभी एचओडी, कमिश्नर, कलेक्टरों को इस बाबत पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वो नियमानुसान कार्रवाई करें। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि,आंदोलन को लेकर हड़ताल पर गये शिक्षकों और कर्मचारियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती  है।गौरतलब  हो कि, पिछले 5 दिनों से अपनी दो सूत्रीय मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की हड़ताल आज खत्म हो गई.डीए और एचआरए बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन प्रदेश में 25 जुलाई से कई स्थानो के साथ ही बूढ़ातालाब धरना स्थल पर हड़ताल पर बैठे थे. प्रदेश स्तर के इस आंदोलन में शासकीय कार्यालयों के साथ स्कूलों का काम प्रभावित हुआ और लोग भटकते नजर आए.

ये रहा पत्र CG Strike Big Breaking

 

हड़ताल हुई खत्म

हड़ताल के आखरी दिन आज कर्मचारी अधिकारी के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी मुख्यमंत्री निवास घेरने निकले… जहाँ पुलिस ने इन्हें रास्ते मे ही रोक लिया, जिसके बाद कर्मचारी सड़क पर ही बैठ कर सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे… वहीं मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम दीप्ती साहू को ज्ञापन देकर आज पांच दिन की हड़ताल को खत्म किया…
31 जुलाई को प्रदेश भर के 88 संगठन। के अध्यक्षो के साथ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की एक बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी… फेडरेशन के अध्यक्ष कमल वर्मा ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नही होता है तो 15 अगस्त के बाद कभी भी अनिश्चितकालिन हड़ताल पर कर्मचारी जा सकते है…

क्या है मामला

छत्तीसगढ़ राज्य के तमाम सरकारी दफ्तरों में ताला लटक गया है,इस बात से तमाम प्रदेशवासियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। दरअसल पूरे राज्या के सभी कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर हड़ताल का ऐलान किया था। इसके कारण 7 दिनों से सभी सरकारी दफ्तर बंद थे। कर्मचारियों की यह हड़ताल 25 से 29 जुलाई तक चला।

मांगें पूरी न होने पर अनिश्चिकालीन हड़ताल की चेतावनी

कबीरधाम टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्रवंशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां केवल 22 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिया जा रहा है। कर्मचारियों को अभी भी साढ़े 6 साल पुराने 6वें वेतनमान के अनुरूप मकान किराया भत्ता मिल रहा है। इसके चलते कर्मचारियों को प्रतिमाह लगभग 4000 से 14000 रुपए की आर्थिक क्षति हो रही है। अगर मांग पूरी नहीं होती है, ताे कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए तैयार हैं।

सांसद का CM को पत्र- केंद्र के समान दें महंगाई भत्ता

BJP सांसद संतोष पांडेय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने की मांग की है। सांसद की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है, जबकि राज्य कर्मचारियों को मात्र 22 प्रतिशत ही मिल रहा है। यह केंद्र की तुलना में काफी कम है और कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है। इसलिए राज्य कर्मचारियों के हित को देखते हुए केंद्र के बराबर भत्ता प्रदान करें।

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