CG Sarguja Earthquakes: भूकंप से फिर थर्राया राज्य का यह इलाका,सीएम ने लगाया केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप

CG Sarguja Earthquakes: भूकंप से फिर थर्राया राज्य का यह इलाका,सीएम ने लगाया केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप

CG Sarguja Earthquakes

SARGUJA: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में भूकम्प के झटके महसूस किए गए हैं.चिंता की बात ये है कि, 1 महीने के भीतर यह तीसरी बार है, जब सरगुजा संभाग में भूकंप का झटका लगा है. गुरुवार को सुबह करीब 11 बजकर 56 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. सरगुजा के संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर और उदयपुर के साथ सूरजपुर, कोरिया जिले में भी कुछ जगहों पर भूकंप का झटका लगा. 3 से 4 सेकेंड के लिए भूकंप के झटके महसूस किए गए. ग्रामीण इलाकों में ग्रामीण घरों से बाहर निकल गए. राहत की बात है कि भूकंप के झटके से किसी को नुकसान का मामला सामने नहीं आया है.

सीएम ने केंद्र सरकार को ठहराया दोषी

सरगुजा में भूकंप के झटकों के बीच राजनीति भी शुरू हो गई है। भूकंप के झटके के बारे में CM भूपेश बघेल ने कहा केंद्र सरकार ने यहां मौजूद खदानों से कोयला निकाला,लेकिन पटाई नहीं की है।वहीं सीएम ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि, हमनें इस मुद्दे को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL बैठक में भी उठाया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया । कई भूमिगत खदानें भी खाली हैं जिसे तत्काल रूप से भरना चाहिए ताकि, फिर से असंतुलन के कारण भूकंप न आए।

भूकंप क्या होता है?

जब पृथ्वी की सतह पर मौजूद दो बड़े हिस्से अचानक एक-दूसरे से अलग हट जाते हैं या फिर टूट-फिसल जाते हैं तब भूकंप आता है। जिस जगह यह हिस्से एक-दूसरे से अलग होते हैं उसे फॉल्ट या फॉल्ट प्लेन कहा जाता है। पृथ्वी की सतह के नीचे जहां से भूकंप चालू होता है उसे हाइपोसेंटर कहते हैं जबकि इस हिस्से के बिल्कुल ऊपर पृथ्वी की सतह पर मौजूद हिस्से को एपीसेंटर कहते हैं।

भूकंप की अन्य वजह क्या हैं?

भूकंप की ही तरह की सीस्मिक तरंगें भूमिगत विस्फोटों से भी निकल सकती हैं। यह विस्फोट किसी सुरंग, रेलमार्ग, सबवे या खान बनाने के दौरान चट्टान तोड़ने में हो सकते हैं। हालांकि यह विस्फोट बहुत तीव्र सीस्मिक तरंगें पैदा नहीं करते। कई बार तो यह आपको महसूस भी नहीं होतीं। कई बार किसी खदान की सतह या पूरी खदान के ढहने से भी यह तरंगें पैदा हो जाती है। इस दौरान खदान के आसपास रहने वाले लोगों को यह महसूस होती हैं। हां, किसी नाभिकीय बम (न्यूक्लियर बम) के भूमिगत परीक्षण के दौरान ही सबसे ज्यादा तीव्रता वाली तरंगें पैदा हो सकती हैं जो किसी बड़े भूकंप जैसी होती हैं। कभी-कभी ज्वालामुखी के फटने से भी भूकंप आता है।

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