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CG Power Cut Protest
हाइलाइट्स
- करवा चौथ पर बिजली गुल
- NH-53 पर ग्रामीणों का चक्काजाम
- प्रशासन समझाने में जुटा
CG Power Cut Protest : छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती अब विकराल रूप लेने लगी है। खासकर त्योहारों के समय जब घर-घर सजावट, पूजा-पाठ और परंपराओं की तैयारी चल रही हो, तब लगातार हो रही बिजली की अघोषित कटौती (Unscheduled Power Cuts in Villages) लोगों के सब्र का बांध तोड़ रही है। शुक्रवार शाम करवा चौथ जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर रसनी गांव में बिजली गुल होने से नाराज़ ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे-53 (NH 53) पर उतरकर चक्काजाम (Highway Blockade Protest) कर दिया।
यह हाइवे मुंबई-कोलकाता मार्ग का मुख्य रास्ता है, जहां दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आरंग पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
हर दिन घंटों गुल बिजली, त्योहारों में बढ़ी परेशानी
रसनी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से रोजाना घंटों बिजली नहीं रहती। त्योहारी मौसम में जब लोगों को घरों में सजावट, खाना पकाना, बच्चों की पढ़ाई और धार्मिक आयोजन करने होते हैं, तब बिजली न होना जीवन को अस्त-व्यस्त कर देता है। ग्रामीणों के अनुसार, आज करवा चौथ जैसे महत्वपूर्ण दिन पर शाम 5 बजे से पूरी तरह से बिजली बंद है, जिससे महिलाओं और परिवारों को पूजा की तैयारियों में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि यह कोई एक दिन की बात नहीं है। बिना पूर्व सूचना के अघोषित बिजली कटौती (Power Outage Without Notice) अब गांव की दिनचर्या का हिस्सा बन गई है। रात के समय बिजली जाना तो और भी खतरनाक हो जाता है क्योंकि अंधेरे में कई जगहों पर दुर्घटना की संभावना भी बढ़ जाती है।
बिना समाधान के नहीं हटेंगे ग्रामीण, बोले- अब सब्र नहीं
हाईवे पर जमे ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उन्हें स्थायी समाधान (Permanent Electricity Solution) का आश्वासन नहीं मिलेगा, वे सड़क से नहीं हटेंगे। उन्होंने विद्युत विभाग और शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि अब सिर्फ समझाने से काम नहीं चलेगा, उन्हें सही और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति चाहिए।
चक्काजाम की वजह से मुंबई-कोलकाता मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। लंबी दूरी के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार नहीं सुनती, तब सड़क पर आना ही एकमात्र रास्ता बचता है।
पुलिस और प्रशासन मौके पर, समाधान की कोशिशें जारी
घटना की सूचना मिलते ही आरंग थाना प्रभारी और एसडीएम की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की। अधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि वे सड़क से हट जाएं ताकि यातायात सामान्य हो सके। हालांकि अब तक कोई ठोस आश्वासन न मिलने से ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हो रहा है। प्रशासन के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि अगर त्योहारों में ऐसे प्रदर्शन बढ़े, तो राज्य में व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
क्या कहता है बिजली विभाग?
फिलहाल बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, मौसम की खराबी और ट्रांसमिशन लाइनों में तकनीकी समस्याओं को लेकर कुछ इलाकों में बाधाएं आ रही हैं। हालांकि, ग्रामीणों का तर्क है कि यह बहाना हर दिन नहीं चल सकता। अब उन्हें जवाब चाहिए, बिजली नहीं तो फिर त्यौहार कैसे मनाएं?
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