CG public awareness campaign: नशा मुक्ति के लिए चलेगा जन-जागरण अभियान, मुख्यमंत्री बघेल ने जारी किए निर्देश

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रायपुर।आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 से पहले भूपेश सरकार ने फैसला लिया है। सरकार ने समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जन-जागरण अभियान शुरू करने का फैसला किया है। जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

“जन-जागरण अभियान की शुरुआत”

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव को छत्तीसगढ़ में नशे के दुष्प्रभावों से समाज को बचाने के लिए व्यापक जन-जागरण अभियान की शुरुआत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से नशा मुक्ति जन-जागरण अभियान की विस्तृत कार्य योजना तैयार करने में नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रमुख व्यक्तियों और संस्थाओं से आवश्यक परामर्श लेने को कहा।

मुख्यमंत्री ने इस अभियान में शासकीय प्रयासों के साथ ही गैर सरकारी संगठन (एनजीओ), सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थाओं का सक्रिय सहयोग लेने को कहा है। अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को एक माह में नशा मुक्ति अभियान की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने जारी किए निर्देश

मुख्यमंत्री बघेल ने मुख्य सचिव को जारी निर्देश में कहा है कि नशा एक ऐसी गंभीर सामाजिक बुराई है जिससे मनुष्य का अनमोल जीवन गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है तथा वह अकाल मृत्यु का भी शिकार बन जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘नशे के लिए लोग गांजा, भांग, जर्दा गुड़ाखू, तंबाकू, शराब, गुटका, धूम्रपान, चरस, अफीम, स्मैक, कोकीन और ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों का सेवन करते हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस और राज्य सरकार इसे रोकने का प्रयास कर रही है, लेकिन जब तक इस अभियान को जनमानस से नहीं जोड़ा जाएगा तथा जन-जन तक नहीं पहुंचाया जाएगा, तब तक यह अभियान सफल नहीं हो पाएगा।

“नशे का बढ़ता प्रयोग चिंता का विषय”

युवा पीढ़ी में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ना अत्यधिक चिंताजनक विषय है।’’ बघेल ने कहा है कि समाज को नशे के दुष्प्रभावों और युवा पीढ़ी को बर्बादी से बचाने तथा उनकी संपूर्ण ऊर्जा का राष्ट्र निर्माण में उपयोग करने के लिए आवश्यक है कि नशा मुक्ति के लिए बड़ा जन-जागरण अभियान शुरू किया जाए। इसके लिए स्कूलों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के छात्रों में जागरूकता के लिए सेमीनार का आयोजन किया जाए।

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