छत्तीसगढ़ PHE भर्ती को लेकर BE-BTech इंजीनियर नाराज: डिप्लोमा धारकों को प्राथमिकता, 1 लाख इंजीनयर परीक्षा से वंचित

CG JE Recruitment Controversy: छत्तीसगढ़ PHE भर्ती को लेकर BE-BTech इंजीनियर नाराज: डिप्लोमा धारकों को प्राथमिकता, 1 लाख इंजीनयर परीक्षा से वंचित

CG Junior Engineer Recruitment Controversy

CG JE Recruitment Controversy: छत्तीसगढ़ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (Public Health Engineering Department - PHE) ने जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती प्रक्रिया में बीई/बीटेक (BE/BTech) डिग्रीधारी इंजीनियरों को शामिल नहीं किया है।

विभाग ने 118 पदों पर भर्ती के लिए केवल तीन वर्षीय डिप्लोमा (Diploma) को पात्रता मानदंड में रखा है। इस फैसले से हजारों योग्य अभियंता (Engineers) परीक्षा से वंचित हो रहे हैं।

युवा इंजीनियरों ने किया विरोध, अधिकारी रहे अनसुने

युवा अभियंताओं (Young Engineers) का कहना है कि वे अपनी समस्या को लेकर विभाग के प्रमुख अभियंता (Engineer-in-Chief-ENC) से मिले थे, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया।

इसके बाद वे वित्त मंत्री ओपी चौधरी (Finance Minister OP Choudhary) और विधायक राजेश मूणत (MLA Rajesh Munat) के पास अपनी मांग लेकर पहुंचे।

20 सालों में पहली बार बना ऐसा नियम

इंजीनियरों का दावा है कि छत्तीसगढ़ के गठन के बाद से 2025 तक कुल 20 बार जूनियर इंजीनियर (JE) की भर्ती हुई है। लेकिन पहली बार ऐसा नियम बनाया गया है, जिसमें सिर्फ डिप्लोमा धारकों को पात्र माना गया है। पहले बीई/बीटेक डिग्रीधारी भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते थे।

1 लाख से ज्यादा अभियंताओं पर असर

छात्रों का मानना है कि इस नियम से करीब 1 लाख से अधिक अभियंता (Engineers) प्रभावित होंगे। वे अब परीक्षा में बैठने से वंचित हो जाएंगे। उनका कहना है कि डिप्लोमा और डिग्री दोनों को बराबर मौका मिलना चाहिए।

क्या मिलेगा इंजीनियरों को न्याय?

छत्तीसगढ़ के इंजीनियर अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो रहे हैं। वे सरकार से इस नियम को बदलने की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।

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