CG चुनाव में OBC आरक्षण मुद्दा: पंचायत इलेक्‍शन में पिछड़ा वर्ग को क्‍यों नहीं मिल पाई सीटें? अरुण साव ने बताई बड़ी वजह

Chhattisgarh Municipal Body and Panchayat Election OBC Reservation Issue । जहां अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस जनता के बीच भ्रम फैला रही है। कोर्ट के निर्देशानुसार ही आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई।

CG OBC Reservation

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CG OBC Reservation: छत्‍तीसगढ़ में कभी भी नगरीय निकाय और त्रिस्‍तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा हो सकती है। ऐसे में कांग्रेस जिला पंचायत अध्‍यक्ष पद पर ओबीसी को आरक्षण नहीं मिलने पर इसे मुद्दा बना रही है। इस पर सरकार की ओर से डिप्‍टी सीएम अरुण साव, बीजेपी (CG OBC Reservation) प्रदेश अध्‍यक्ष किरण सिंह देव और मंत्री टंकराम वर्मा, लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रेस वार्ता की। जहां अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस जनता के बीच भ्रम फैला रही है। कोर्ट के निर्देशानुसार ही आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई।

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नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (CG OBC Reservation) को लेकर हाल ही में महापौर, अध्‍यक्ष और वार्ड सदस्‍य पद के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। इसमें जिला पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी (CG OBC Reservation) की आरक्षण की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस इसे मुद्दा बना रही है, इसी मुद्दे को खत्‍म करने के लिए बीजेपी ने आज 14 जनवरी को प्रेसवार्ता की।

कांग्रेस की भ्रम और भ्रष्‍टाचार आधारित राजनीति

पीसी में दो मंत्री और बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष ने सवालों का जवाब दिया। वहीं अरुण साव ने ओबीसी आरक्षण (CG OBC Reservation) को लेकर कहा कि कांग्रेस भय और भ्रम फैला रही है। कांग्रेस भ्रष्टाचार वाली राजनीति कर रही है। अब ओबीसी आरक्षण पर भ्रम फैलाकर राजनीति कर रही है। कांग्रेस आरक्षण विरोधी पार्टी रही है।

संविधान के अनुसार आरक्षण

साव ने कहा प्रदेश में संविधान के अनुसार आरक्षण (CG OBC Reservation) दिया जा रहा है। बीजेपी सरकार कानून का पालन कर रही है। नियमों का पालन किया जाता है। ओबीसी वर्ग को बीजेपी सबसे ज्‍यादा सम्‍मान देगी। चुनाव के बाद ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधत्व पहले से और बढ़ा दिया जाएगा।

साव ने ऐसे समझाया आरक्षण का गणित

डिप्‍टी सीएम साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ (CG OBC Reservation) में 33 जिले हैं और इतनी ही जिला पंचायत हैं। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार 50 प्रतिशत से ज्‍यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता है। 33 जिलों में से 16 जिला अधुसूचित क्षेत्र हैं।

ऐसे में पंचायती राज अधिनियम के तहत अधिसूचित क्षेत्रों में एसटी वर्ग के लिए ही सीटें आरक्षित रहती हैं। इसके अलावा प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग को 13 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। इसके तहत 4 सीटें आरक्षित की गई हैं। इस तरह से 20 सीटें आरक्षित वर्ग के लिए है।

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इन पदों पर दिया आरक्षण

ऐसे में ओबीसी को आरक्षण (CG OBC Reservation) संविधान के अनुरूप दिया जाता है तो यह आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्‍यादा हो जाता। इसके कारण अध्यक्ष पद के लिए ओबीसी आरक्षित सीटें नहीं की गई हैं। हालांकि ग्राम पंचायत, जनपद अध्‍यक्ष, सदस्‍य और जिला पंचायत सदस्‍यों के पद पर ओबीसी को आरक्षण दिया गया है। कांग्रेस फिजूल ही आरक्षण को झूठा मुद्दा बनाने की कोशिश में लगी है। जनता के सामने झूठ और भ्रम फैलाया जा रहा है।

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