Raipur Cyber fraud: UPI यूजर सावधान! आपका भी अकाउंट हो सकता है ब्लॉक, इस वजह से हुआ 600 कारोबारियों का अकाउंट बंद

रायपुर में साइबर ठगी की जांच के चलते 600 से ज्यादा व्यापारियों के बैंक खाते ब्लॉक कर दिए गए हैं। मात्र ₹10 की ऑनलाइन पेमेंट भी परेशानी का कारण बन गई है। जानिए पूरा मामला और कानूनी विकल्प।

Raipur Cyber fraud: UPI यूजर सावधान! आपका भी अकाउंट हो सकता है ब्लॉक, इस वजह से हुआ 600 कारोबारियों का अकाउंट बंद

Raipur cyber fraud : रायपुर के व्यापारियों में इन दिनों चिंता और भ्रम का माहौल है। साइबर ठगी के मामलों में छानबीन के दौरान रायपुर सहित 600 से ज्यादा कारोबारियों के बैंक खाते पुलिस द्वारा ब्लॉक कर दिए गए हैं। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जिनके खातों में केवल ₹10 की पेमेंट आने के बाद खाता फ्रीज कर दिया गया।

10 रुपए की पेमेंट से खाता ब्लॉक

मालवीय रोड स्थित पान मसाला व्यवसायी ने ग्राहक से 10 रुपए की यूपीआई पेमेंट ली थी। दस दिन बाद जब उन्होंने एटीएम से पैसा निकालने की कोशिश की तो ट्रांजेक्शन फेल हो गया। बैंक से पता चला कि उनका खाता पुलिस द्वारा ब्लॉक कर दिया गया है — वजह? वही ₹10 की राशि ठगी का हिस्सा थी।

ठगों की लेयर ट्रांसफर तकनीक से उलझी पुलिस

पुलिस के मुताबिक ठग ऑनलाइन ठगी की रकम को 5 से 10 अलग-अलग खातों में तेजी से ट्रांसफर करते हैं, ताकि ट्रैकिंग मुश्किल हो। जांच में पता चला है कि कई निर्दोष कारोबारियों के खाते 7वें या 8वें लेयर में आते हैं। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाएं, उनका खाता ब्लॉक हो जाता है।

कानूनी प्रक्रिया बनी बोझ, कोर्ट-कचहरी के चक्कर

बलौदाबाजार निवासी वीरू साहू, एक ऑटोमोबाइल कारोबारी हैं। तीन महीने से खाता अनब्लॉक करवाने के लिए कोर्ट, पुलिस और बैंक के चक्कर काट रहे हैं। उनका खाता बेंगलुरु पुलिस द्वारा फ्रीज किया गया क्योंकि ठगी का पैसा आठवें लेयर में उनके खाते तक पहुंचा था।

ओडिशा के स्टील कारोबारी एसएन अग्रवाल की भी यही स्थिति है। रायपुर पुलिस ने उनके खाते को ब्लॉक कर दिया क्योंकि उन्हें भेजे गए ₹10,000 ऑनलाइन ट्रांसफर की राशि ठगी का हिस्सा थी।

कानूनी विशेषज्ञों की राय: पूरा खाता ब्लॉक करना गलत

साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी ने बताया कि मद्रास हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश है — केवल उतनी राशि ही फ्रीज की जाए जो संदिग्ध हो। पूरा खाता फ्रीज करना अनुचित है। प्रभावित व्यापारी कोर्ट में मद्रास हाईकोर्ट के आदेश की प्रति लगाकर अर्जी दाखिल कर सकते हैं।

पोर्टल से मिल रही है मदद

डीएसपी क्राइम संजय सिंह ने कहा कि जिनका खाता फ्रीज हुआ है, उन्हें साइबर पोर्टल के माध्यम से यह जानकारी दी जा रही है कि किसने और कहां खाता ब्लॉक किया। संबंधित राज्य के नोडल अधिकारी का संपर्क नंबर भी दिया जा रहा है ताकि खाता फ्री कराया जा सके।

बढ़ते मामले, हर हफ्ते दर्जनों शिकायतें

भास्कर की पड़ताल के अनुसार, रायपुर के लगभग हर थाने में हर सप्ताह 2-3 मामले सामने आ रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें से अधिकतर खातों को महाराष्ट्र, दिल्ली, बेंगलुरु, ओडिशा और आंध्रप्रदेश की पुलिस ने ब्लॉक कराया है। व्यापारी चूंकि इन्हीं खातों से व्यापारिक ट्रांजेक्शन करते हैं, इसलिए उन्हें भारी नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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