CG New Kendriya Vidyalaya: छत्तीसगढ़ के 7 नए जिलों में खुलेंगे केंद्रीय विद्यालय, मॉडल स्कूलों के विकास की भी तैयारी

CG New Kendriya Vidyalaya: छत्तीसगढ़ में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर 7 नए जिलों में केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे। साथ ही, हर साल 1500 स्कूल बनेंगे मॉडल स्कूल।

CG New Kendriya Vidyalaya

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हाइलाइट्स 

  • सात जिलों में खुलेंगे केंद्रीय विद्यालय

  • हर साल बनेंगे मॉडल स्कूल

  • शिक्षा गुणवत्ता सुधारने की तैयारी

CG New Kendriya Vidyalaya: छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर राज्य के सात नए जिलों में केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) खोले जाएंगे। इन विद्यालयों के खुलने से उन जिलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा, जहां अब तक इस स्तर की सुविधा नहीं थी।

7 नए जिलों को मिलेगा केंद्रीय विद्यालय का लाभ

राज्य के जिन जिलों में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की जा रही है, वे हैं: बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी।

इन जिलों में विद्यालयों की स्थापना के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने संबंधित कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र भेजने का निर्देश दिया है। प्रस्तावों की स्वीकृति के बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से समन्वय कर प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

[caption id="attachment_907208" align="alignnone" width="1145"]CG New Kendriya Vidyalaya 7 जिलों में खुलेंगे नए केंद्रीय विद्यालय[/caption]

शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक के बाद बढ़ी रफ्तार

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने हाल ही में विभागीय अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की थी, जिसमें शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और नए संस्थानों की स्थापना को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इसी क्रम में उन्होंने केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय खोलने की बात कही थी। इस निर्देश के बाद विभाग ने कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है।

नवोदय विद्यालय खोलने पर भी विचार

केवल केंद्रीय विद्यालय ही नहीं, सरकार की योजना है कि उन जिलों में नवोदय विद्यालय भी खोले जाएं, जहां इसकी जरूरत महसूस की जा रही है। इससे दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी समान शैक्षणिक अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

प्रदेश की शिक्षा गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने एक और बड़ी पहल शुरू की है। योजना के तहत हर वर्ष 1000 से 1500 स्कूलों को 'मॉडल स्कूल' के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्कूलों में भवनों की मरम्मत, शिक्षकों की पर्याप्त नियुक्ति और मूलभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।

विशेष बात यह है कि इन मॉडल स्कूलों का संचालन सेजेस जैसी निजी सोसाइटी के जरिए नहीं, बल्कि सीधे शिक्षा विभाग के अधीन होगा। इससे इन स्कूलों की निगरानी और जवाबदेही मजबूत होगी।

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पीएमश्री, इग्नाइट और सीएम DAV स्कूल भी बनेंगे मॉडल

राज्य सरकार की योजना में शामिल हैं- पीएमश्री स्कूल, सेजेस, इग्नाइट स्कूल, और 72 मुख्यमंत्री DAV स्कूल। इन सभी को भी आगामी वर्षों में चरणबद्ध तरीके से मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि एकरूपता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जा सके।

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