छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: EOW ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से की पूछताछ, जल्द हिरासत में लिए जा सकते हैं कुछ अफसर

CG Liquor Scam Case Update: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला, EOW ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से की पूछताछ, जल्द हिरासत में लिए जा सकते हैं कुछ अफसर

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   हाइलाइट्स

  • रायपुर जिले के आबकारी अधिकारियों से पूछताछ
  • EOW ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से की पूछताछ
  • कुछ अधिकारियों को हिरासत में लेकर हो सकती है पूछताछ

CG Liquor Scam Case Update: छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले में EOW आबकारी विभाग के अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुला रही है. जानकारी के अनुसार, रायपुर जिले के आबकारी अफसर और सहायक अधिकारियों से शराब ट्रांसपोर्टिंग और कलेक्शन को लेकर पूछताछ की गई. सूत्रों के अनुसार, EOW की टीम जल्द ही कुछ अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है.

इस मामले (CG Liquor Scam Case Update) को लेकर डुप्लीकेट होलोग्राम सप्लाई करने वाले प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी के स्टेट हेड दिलीप पांडे को 9 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था. EOW की टीम पांडे से लगातार पूछताछ कर रही है. इसका टेंडर भी जल्द निरस्त हो सकता है.

   घोटाले में अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिक

EOW की पूछताछ में सामने आया है कि इस घोटाले मामले (CG Liquor Scam Case Update) में जिलों में ड्यूटी कर रहे आबकारी विभाग के अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिक रही है. ईडी की इन्वेस्टिगेशन में कई अधिकारियों का नाम भी आया था. हालांकि उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी. अब EOW की टीम उन्हें हिरासत में ले कर पूछताछ करने की तैयारी में है.

   दिलीप पांडे से पूछताछ कर रही पुलिस

आबकारी घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को डुप्लीकेट होलोग्राम से संबंधित अहम सबूत मिले हैं. EOW ने इस मामले में डुप्लीकेट होलोग्राम सप्लाई करने वाली कंपनी प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्रा.लि.के स्टेट हेड दिलीप पांडे को भी गिरफ्तार किया है. ईओडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए दिलीप को 15 जुलाई तक रिमांड पर लिया है.

   इंडस्ट्रीयल कम्प्यूटर के हार्ड ड्राइव को किया बरामद

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प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्रा.लि.के स्टेट हेड दिलीप पांडे

EOW ने दिलीप पांडे से पूछताछ के बाद रायपुर के जीएसटी भवन आफिस से होलोग्राम प्रिंटिंग के सेटअप से जुड़े हुए इंडस्ट्रीयल कम्प्यूटर के हार्ड ड्राइव को बरामद किया है. इसी के साथ ही EOW के अनुसार, जिस माध्यम से डुप्लीकेट होलोग्राम के सीरियल नंबरों की छपाई की गई थी, उसे भी जब्त किया गया है.

इसके साथ ही प्रिज्म कंपनी के नोएडा स्थित मुख्यालय से डुप्लीकेट होलोग्राम छपवा कर रायपुर तक परिवहन के लिए उपयोग में आने वाले दस्तावेज को भी बरामद किया है. इसमें डुप्लीकेट होलोग्राम की संख्या और अन्य विवरण होते थे. इन दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है.

पूछताछ के दौरान, सिंडीकेट के मुख्य आरोपी अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी के संलिप्तता की पुष्टि हुई है. जिसमें प्रिज्म होलोग्राफी के मालिक विधु गुप्ता ने 2019 से 2022 के बीच तक फर्जी होलोग्राम छत्तीसगढ़ स्थित डिस्टलरियों को उपलब्ध कराया था.

   अनवर ढेबर के पिता के खेत में मिला था होलोग्राम

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस (CG Liquor Scam Case Update) में EOW ने गुरुवार 4 जुलाई को बड़ी कार्रवाई की थी. EOW की टीम ने आरोपी अनवर ढेबर के पिता के धनेली स्थित खेत में गड़ा हुआ नकली होलोग्राम का जखीरा बरामद किया है. नकली होलोग्राम को सबूत मिटाने के लिए जलाने की आशंका जताई जा रही है.

ईओडब्ल्यू ने इस मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया था. ईओडब्ल्यू आरोपी अमित सिंह, अनुराग द्विवेदी, दीपक द्वारी को पकड़ा था. गिरफ्तार अरविंद सिंह का अमित सिंह भतीजा है.

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खेत में गड़ा हुआ नकली होलोग्राम का जखीरा बरामद

   10 हजार से अधिक पन्नों का चालान कोर्ट में पेश

बता दें कि इस मामले (CG Liquor Scam Case Update) में नकली होलोग्राम का प्रयोग हुआ था. ईडी के बाद इसकी जांच एसीबी भी कर रही है. एसीबी ने हाल ही में इस मामले में 10 हजार से अधिक पन्नों का चालान भी कोर्ट में पेश किया है. अधिकारियों के मुताबिक, दोनों एजेंसियों की लंबी जांच के बाद भी अब तक नकली होलोग्राम किसी के हाथ नहीं लगा था.

बताया जा रहा है कि धनेली में जिस खेत से होलोग्राम जब्‍त किया गया, वह रायपुर के महापौर एजाज ढेबर और अनवर ढेबर के पिता जहीर हाजी अहमद के नाम पर है. सूत्रों के मुताबिक, शराब घोटाला में ईडी के छापों के बाद ही इन होलोग्राम को जलाने की कोशिश की गई थी, जो पूरी तरह जल नहीं पाए.

   नकली होलोग्राम केस क्या है? 

FIR के अनुसार, नोएडा स्थित PHSF (मेसर्स प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) नाम की कंपनी को टेंडर दिया गया था. यह टेंडर होलोग्राम की आपूर्ति करने के लिए छत्तीसगढ़ के एक्साइज डिपार्टमेंट ने अवैध रूप से दिया था. जबकि कंपनी टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र नहीं थी.

आरोप है कि, टेंडर के लिए आबकारी विभाग के विशेष सचिव AP त्रिपाठी, तत्कालीन आबकारी कमिश्नर निरंजन दास और तत्कालीन IAS अनिल टुटेजा ने उसकी शर्तों में संशोधन किया. जिसके बदले में प्रति होलोग्राम 8 पैसे का कमीशन कंपनी के मालिक विधु गुप्ता से लिया गया.  कंपनी से बेहिसाब डूप्लीकेट होलोग्राम लिए गए, ताकि प्रदेश में सरकारी दुकानों से अवैध देसी शराब की बोतल बेच सकें.

   शराब निर्माता कंपनियों तक पहुंचता था डूप्लीकेट होलोग्राम 

विधु गुप्ता टेंडर मिलने के बाद डूप्लीकेट होलोग्राम की सप्लाई छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Liquor Scam Case) के सक्रिय सिंडिकेट को करने लगा. CSMCL के तत्कालीन एमडी अरुणपति त्रिपाठी के निर्देश पर यह सप्लाई की गई. सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य विधु गुप्ता से डूप्लीकेट होलोग्राम लेकर सीधे तीनों शराब निर्माता कंपनियों को पहुंचा देते थे.

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जिसके बाद होलोग्राम को इन डिस्टलरीज में अवैध शराब की बोतलों पर चिपकाया जाता और फर्जी ट्रांजिट पास के साथ CSMCL की दुकानों तक पहुंचाया जाता था. छत्तीसगढ़ के 15 जिलों के आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से फर्जी ट्रांजिट पास का काम होता था. इन दुकानों पर गैंग के कर्मचारी रहते थे.

गैंग के कर्मचारी अवैध शराब को असली शराब के साथ बेच देते थे. अवैध शराब का पैसा अलग से इकट्ठा किया जाता था. गैंग सदस्य अवैध शराब से आया पैसा अलग से कलेक्ट करते. इसके बाद पैसे को बड़े अधिकारियों के पास पहुंचाया जाता. सभी सदस्यों का कमीशन फिक्स था. आरोप है कि 2019 से 2022 तक हर महीने 400 ट्रक की अवैध शराब की सप्लाई की गई.

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