छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में EOW की बड़ी कार्रवाई: अनवर ढेबर के पिता के खेत में गड़ा हुआ मिला नकली होलोग्राम का जखीरा

CG Liquor Scam Case Update: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में EOW की बड़ी कार्रवाई, अनवर ढेबर के पिता के खेत में गड़ा मिला नकली होलोग्राम का जखीरा

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में EOW की बड़ी कार्रवाई: अनवर ढेबर के पिता के खेत में गड़ा हुआ मिला नकली होलोग्राम का जखीरा

CG Liquor Scam Case Update: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में EOW ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है. EOW की टीम ने आरोपी अनवर ढेबर के पिता के धनेली स्थित खेत में गड़ा हुआ नकली होलोग्राम का जखीरा बरामद किया है. नकली होलोग्राम को सबूत मिटाने के लिए जलाने की आशंका जताई जा रही है.

ईओडब्ल्यू ने इस मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है. ईओडब्ल्यू आरोपी अमित सिंह, अनुराग द्विवेदी, दीपक द्वारी से पूछताछ करेगी. पूछताछ के बाद बड़ा खुलासा हो सकता है. बताया जा रहा कि गिरफ्तार अरविंद सिंह का अमित सिंह भतीजा है.

[caption id="attachment_359597" align="alignnone" width="500"]publive-image खेत में गड़ा हुआ नकली होलोग्राम का जखीरा बरामद[/caption]

   10 हजार से अधिक पन्नों का चालान कोर्ट में पेश

बता दें कि इस मामले (CG Liquor Scam Case Update) में नकली होलोग्राम का प्रयोग हुआ था. ईडी के बाद इसकी जांच एसीबी भी कर रही है. एसीबी ने हाल ही में इस मामले में 10 हजार से अधिक पन्नों का चालान भी कोर्ट में पेश किया है. अधिकारियों के मुताबिक, दोनों एजेंसियों की लंबी जांच के बाद भी अब तक नकली होलोग्राम किसी के हाथ नहीं लगा था.

बताया जा रहा है कि धनेली में जिस खेत से होलोग्राम जब्‍त किया गया, वह रायपुर के महापौर एजाज ढेबर और अनवर ढेबर के पिता जहीर हाजी अहमद के नाम पर है. सूत्रों के मुताबिक, शराब घोटाला में ईडी के छापों के बाद ही इन होलोग्राम को जलाने की कोशिश की गई थी, जो पूरी तरह जल नहीं पाए.

   नकली होलोग्राम केस क्या है? 

FIR के अनुसार, नोएडा स्थित PHSF (मेसर्स प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) नाम की कंपनी को टेंडर दिया गया था. यह टेंडर होलोग्राम की आपूर्ति करने के लिए छत्तीसगढ़ के एक्साइज डिपार्टमेंट ने अवैध रूप से दिया था. जबकि कंपनी टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र नहीं थी.

आरोप है कि, टेंडर के लिए आबकारी विभाग के विशेष सचिव AP त्रिपाठी, तत्कालीन आबकारी कमिश्नर निरंजन दास और तत्कालीन IAS अनिल टुटेजा ने उसकी शर्तों में संशोधन किया. जिसके बदले में प्रति होलोग्राम 8 पैसे का कमीशन कंपनी के मालिक विधु गुप्ता से लिया गया.  कंपनी से बेहिसाब डूप्लीकेट होलोग्राम लिए गए, ताकि प्रदेश में सरकारी दुकानों से अवैध देसी शराब की बोतल बेच सकें.

   शराब निर्माता कंपनियों तक पहुंचता था डूप्लीकेट होलोग्राम 

विधु गुप्ता टेंडर मिलने के बाद डूप्लीकेट होलोग्राम की सप्लाई छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Liquor Scam Case) के सक्रिय सिंडिकेट को करने लगा. CSMCL के तत्कालीन एमडी अरुणपति त्रिपाठी के निर्देश पर यह सप्लाई की गई. सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य विधु गुप्ता से डूप्लीकेट होलोग्राम लेकर सीधे तीनों शराब निर्माता कंपनियों को पहुंचा देते थे.

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जिसके बाद होलोग्राम को इन डिस्टलरीज में अवैध शराब की बोतलों पर चिपकाया जाता और फर्जी ट्रांजिट पास के साथ CSMCL की दुकानों तक पहुंचाया जाता था. छत्तीसगढ़ के 15 जिलों के आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से फर्जी ट्रांजिट पास का काम होता था. इन दुकानों पर गैंग के कर्मचारी रहते थे.

गैंग के कर्मचारी अवैध शराब को असली शराब के साथ बेच देते थे. अवैध शराब का पैसा अलग से इकट्ठा किया जाता था. गैंग सदस्य अवैध शराब से आया पैसा अलग से कलेक्ट करते. इसके बाद पैसे को बड़े अधिकारियों के पास पहुंचाया जाता. सभी सदस्यों का कमीशन फिक्स था. आरोप है कि 2019 से 2022 तक हर महीने 400 ट्रक की अवैध शराब की सप्लाई की गई.

   अनवर ढेबर पर ये आरोप

अपडेट : अनवर ढेबर 8 अप्रैल तक EOW की रिमांड पर

यूपी STF ने बताया है कि रायपुर का कारोबारी अनवर ढेबर राजनीतिक रूप से बहुत सक्रिय था. उसने तत्कालीन IAS अनिल टुटेजा, IAS निरंजनदास, अरुणपति त्रिपाठी और अन्य की मदद से विधु गुप्ता की कंपनी को फर्जी तरीके से होलोग्राम देने की शर्त पर टेंडर दिलवाया. इसके साथ ही अवैध शराब को डिस्टलरी के जरिए सरकारी दुकानों से ही बिकवाकर कैश कलेक्शन कराया.

ढेबर पर अवैध शराब से आई रकम में से 300 रुपए प्रति पेटी के हिसाब से कमीशन लेने का आरोप है. ढेबर इस घोटाले से जमा होने पैसे का एक बड़ा अमाउंट राजनीतिक संरक्षकों तक पहुंचाता था.

   ED ने 2023 में दर्ज कराया था मामला

ED Latest News, Updates in Hindi | ईडी के समाचार और अपडेट - AajTak

ED ने जुलाई 2023 में इस घोटाले से जुड़े नकली होलोग्राम मामले (Chhattisgarh Liquor Scam Case) में नोएडा के कासना थाने में तत्कालीन आबकारी आयुक्त निरंजन दास, एपी त्रिपाठी,अनवर ढेबर और तत्कालीन सचिव इंडस्ट्रीज निलंबित IAS अनिल टुटेजा के खिलाफ केस दर्ज कराया था. इसके साथ-साथ PHSF के डायरेक्टर विधु गुप्ता के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया गया था.

   शराब निर्माता कंपनियों पर भी जल्द हो सकती है कार्रवाई 

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में नकली होलोग्राम को लेकर अब शराब निर्माता कंपनियों पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है. यूपी STF की ओर से 2 बार नोटिस जारी करने के बाद भी इन कंपनियों की ओर से पूछताछ में कोई नहीं पहुंचा है. छत्तीसगढ़ डिस्टलरीज, भाटिया वाइन एंड मर्चेट प्राइवेट लिमिटेड और वेलकम डिस्टलरीज को नोटिस जारी किया गया है.

   10 जून को भी जारी किया गया था नोटिस 

यूपी STF ने 10 जून को भी तीनों डिस्टलरीज को दूसरा नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए लखनऊ बुलाया था, लेकिन कोई भी एजेंसी के दफ्तर नहीं पहुंचा. बताया जा रहा है कि यूपी STF की टीम इन कंपनियों को जल्द ही फिर से नोटिस जारी करेगी. अगर पूछताछ में इस बार भी कोई शामिल नहीं होगा तो कंपनियों के संचालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकती है.

   अनवर ढेबर और एपी त्रिपाठी ने किया था बड़ा खुलासा

 छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में नकली होलोग्राम को लेकर अनवर ढेबर और एपी त्रिपाठी ने बड़ा खुलासा किया है. दोनों आरोपियों ने यूपी STF को पूछताछ में बताया है कि इस केस की सबसे बड़ी बेनिफिशरी डिस्टलरी कंपनियां (शराब निर्माता कंपनियां) थीं. जिसमें भाटिया वाइन एंड मर्चेट प्राइवेट लिमिटेड और छत्तीसगढ़ डिस्टलरीज और वेलकम डिस्टलरीज शामिल हैं.

   यूपी STF के अफसरों को बताई ये बात

यूपी STF के अफसरों को पूछताछ में यह बताया था कि होलोग्राम बनाने का टेंडर नोएडा स्थित विधु की कंपनी मेसर्स प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड (PHSF) को मिला था. वहीं से इन तीनों डिस्टलीरज को डूप्लीकेट होलोग्राम बनाकर भेजा जाता था. इन होलोग्राम को अवैध शराब पर लगाया जाता था.

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