CG Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने ED से कहा- क्यों न केस रद्द कर दिया जाए?

CG Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले में ईडी को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से झटका लगा है.

CG Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने ED से कहा- क्यों न केस रद्द कर दिया जाए?

   हाइलाइट्स

  • शराब घोटाला मामले में सुनवाई
  • SC ने 6 आरोपियों की याचिका पर की सुनवाई
  • कोर्ट ने ED को 4 दिन का समय दिया

CG Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले में ईडी को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से झटका लगा है. दरअसल शुक्रवार को जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुईयां की डबल बेंच रिटायर्ड आईएस (IAS) अनिल टुटेजा व उनके बेटे यश टुटेजा समेत अन्य 6 आरोपियों की याचिका पर सुनवाई कर रहा था. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि जब कोई विधेय अपराध नहीं हुआ और अपराध से कोई आय नहीं हुई तो यह मनी लॉन्ड्रिंग नहीं है. कोर्ट ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग का केस क्यों न रद्द कर दिया जाए.

   ये मनी लॉन्ड्रिंग नहीं हो सकता: सुप्रीम कोर्ट

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ईडी (ED) के अनुरोध करने पर अब मामले की अगली सुनवाई अब 8 अप्रैल को होगी. ED की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सालिसिटर जनरल एसवी राजू से सुनवाई के दौरान जस्टिस एएस ओका ने कहा कि अगर कोई अपराध नहीं है और इससे कोई आय नहीं है. इसलिए ये मनी लॉन्ड्रिंग नहीं हो सकता है. साथ ही कोर्ट ने कहा कि कोई विधेय अपराध नहीं है, इसलिए शिकायत पर विचार नहीं किया जा सकता.

   कोर्ट ने ED को 4 दिन का समय दिया

इस पर सालिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू  ने जवाब देते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ नया विधेय अपराध दर्ज हुआ है, जिसके आधार पर ED एक प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट दायर करेगी. ASG ने कहा कि स्थगन के कारण शिकायत नहीं दर्ज हो सकी. इधर कोर्ट ने ईडी को बयान दर्ज करने को कहा है. इसको लेकर सालिसिटर जनरल ने समय मांगा, जिसके बाद कोर्ट ने ED को 4 दिन का समय दिया है.  

   अनिल टुटेजा और यश की गिरफ्तारी पर लगी थी रोक

[caption id="" align="alignnone" width="465"]publive-image अनिल टुटेजा और यश टुटेजा[/caption]

बता दें कि इसमें टुटेजा पिता-पुत्र के साथ ही अनवर ढेबर, करिश्मा ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी और सिद्धार्थ सिंघानिया सह याचिकाकर्ता हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अनिल टुटेजा और यश टुटेजा की गिरफ्तारी पर लगभग 11 महीने पहले रोक लगाई थी. याचिकाकर्ताओं ने ईडी की कार्रवाई को गलत बताया था. बताया था कि ईडी जिस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई करना चाहती है, उसमें कोई ठोस आधार नहीं है. इसका मतलब ईडी ने यह बताया नहीं कि टुटेजा ने किस तरह अवैध धन का उपार्जन किया और किस तरह इसकी मनी लॉन्ड्रिंग की. 

   2 पूर्व मंत्रियों सहित 100 लोगों के खिलाफ FIR

ED ने  शराब और कोयला घोटाला मामले में 2 पूर्व मंत्रियों और विधायकों सहित 100 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराई है. जिनमें कांग्रेस सरकार में पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व विधायक यूडी मिंज और गुलाब कमरो का नाम शामिल है. इसके साथ ही शिशुपाल के साथ ही 2 निलंबित IAS, रिटायर्ड IAS अधिकारी और कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल सहित अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं जिसमें पूर्व IAS अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टूटेजा को भी आरोपी बनाया गया है.

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