कवर्धा में एथेनॉल प्लांट के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन: प्लांट का घेराव कर जड़ा ताला, खाद से हुए नुकसान पर मुआवजे की मांग

Kawardha Farmers Protest: कवर्धा में एथेनॉल प्लांट के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, प्लांट का घेराव कर जड़ा ताला, खाद से हुए नुकसान पर मुआवजे की मांग

Kawardha Farmers Protest

Kawardha Farmers Protest: छत्तीसगढ़ के कवर्धा (Kawardha) जिले के रामहेपुर (Ramhepur) में स्थित एथेनॉल प्लांट (Ethanol Plant) के खिलाफ मंगलवार को किसानों का आक्रोश फूट पड़ा।

भारतीय किसान संघ (Bharatiya Kisan Sangh) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान प्लांट के सामने जुटे और सात सूत्रीय मांगों (Seven Point Demands) को लेकर प्रदर्शन किया। गुस्साए किसानों ने प्लांट के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया।

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खराब पोटाश खाद से किसानों को भारी नुकसान

किसानों का आरोप है कि एथेनॉल प्लांट में तैयार किया गया पोटाश खाद (Potash Fertilizer) बेहद घटिया और अमानक गुणवत्ता (Substandard Quality) का है।

इसका उपयोग करने के बाद फसलों को नुकसान पहुंचा और किसानों को आर्थिक क्षति (Financial Loss) झेलनी पड़ी। इस खाद की तैयारी में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत आई थी, लेकिन वितरण के बाद इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

मांगों में मुआवजा, बकाया भुगतान और सप्लाई रोक शामिल

  • घटिया खाद से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति (Compensation) की जाए।

  • भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने (Bhoramdev Cooperative Sugar Mill) की ₹19 करोड़ की बकाया राशि का भुगतान किया जाए।

  • जिन किसानों ने खराब खाद खरीदी, उनका धोखाधड़ी (Fraud) के तहत पैसा वापस किया जाए।

  • जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, भोरमदेव से मोलासेस (Molasses) की सप्लाई को रोका जाए।

कानून व्यवस्था के मद्देनजर तैनात की गई पुलिस

स्थिति को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक शासन उनकी मांगें नहीं मानता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन और कंपनी से जवाब की उम्मीद

किसानों का कहना है कि एथेनॉल प्लांट द्वारा किया गया यह रवैया सीधे तौर पर किसान विरोधी (Anti-Farmer) है और शासन को तुरंत हस्तक्षेप कर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

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