पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: SIT ने 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, चार आरोपियों के खिलाफ तय किए आरोप

Mukesh Chandrakar Murder Case: पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड, SIT ने 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, चार आरोपियों के खिलाफ तय किए आरोप

पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: SIT ने 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, चार आरोपियों के खिलाफ तय किए आरोप

हाइलाइट्स

  • पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड
  • SIT ने 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की
  • सेप्टिक टैंक (Septic Tank) में छिपा दिया गया था मुकेश का शव

Mukesh Chandrakar Murder Case: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला न्यायालय (Bijapur District Court) में SIT ने 1200 पन्नों की चार्जशीट (1200 Pages Chargesheet) दाखिल की।

पत्रकार मुकेश चंद्राकर (Journalist Mukesh Chandrakar) की हत्या मामले (Murder Case) में चार आरोपियों (Four Accused) के खिलाफ गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए। गवाहों और साक्ष्यों (Witnesses & Evidence) के आधार पर विस्तृत जांच रिपोर्ट (Detailed Investigation Report) प्रस्तुत की गई।

चार्जशीट में क्या है?

[caption id="" align="alignnone" width="500"]publive-image पत्रकार मुकेश चंद्राकर[/caption]

SIT ने 75 दिनों की जांच (75 Days Investigation) में 762 पन्नों का चालान (762 Pages Chargesheet) और 479 पन्नों की कैश डायरी (479 Pages Cash Diary) तैयार की।

इस रिपोर्ट में मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर (Main Accused Suresh Chandrakar) समेत चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए हैं।

कैसे हुई थी पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या?

1 जनवरी 2025 की रात ठेकेदार सुरेश चंद्राकर (Contractor Suresh Chandrakar) समेत चार लोगों ने मुकेश चंद्राकर की हत्या कर दी थी।

हत्या के बाद शव को सेप्टिक टैंक (Septic Tank) में छिपा दिया गया।

अगले दिन जब मुकेश लापता (Mukesh Missing) हुआ, तो बीजापुर के पत्रकारों (Bijapur Journalists) ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

[caption id="" align="alignnone" width="533"]publive-image हत्या के बाद शव को इसी सेप्टिक टैंक में छिपा दिया गया था[/caption]

24 घंटे में चारों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने 2 जनवरी की शाम जांच के दौरान आरोपी के घर के सेप्टिक टैंक से शव बरामद किया।

24 घंटे के अंदर चारों आरोपियों को गिरफ्तार (All Four Accused Arrested) कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।

SIT की जांच में क्या निकला?

मामले की गंभीरता को देखते हुए 11 सदस्यीय SIT (11-Member SIT) गठित की गई।

SIT ने घटना के हर पहलू की गहन जांच (In-Depth Investigation) कर गवाहों के बयान और सबूतों (Witness Statements & Evidence) को चार्जशीट में शामिल किया।

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