CG HSRP Number Plate Rules: छत्तीसगढ़ में अब हर गाड़ी पर लगेगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, नहीं लगाने पर कटेगा चालान

Chhattisgarh HSRP Number Plate Rules April 2025 Details Update; छत्तीसगढ़ में अब 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर हुई सभी गाड़ियों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

Chhattisgarh HSRP Number Plate Rules April 2025 Details Update

Chhattisgarh HSRP Number Plate Rules April 2025 Details Update

CG HSRP Number Plate Rules: छत्तीसगढ़ में अब 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर हुई सभी गाड़ियों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में साफ निर्देश जारी किए हैं और अब अगर किसी वाहन में HSRP नहीं लगी होगी तो ट्रैफिक पुलिस सीधा चालान काटेगी।

क्या होती है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट?

हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एक खास तरह की प्लेट होती है, जिसे सरकार ने वाहनों की सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए अनिवार्य किया है। इसमें एक यूनिक कोड होता है, जिससे गाड़ी को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। ये पुरानी प्लेट्स से कहीं ज्यादा सेफ और फर्जीवाड़े से मुक्त होती हैं।

कैसे और कहां करें HSRP के लिए रजिस्ट्रेशन?

परिवहन विभाग ने दो कंपनियों- मेसर्स रियल मेजॉन इंडिया लिमिटेड और रोसमर्टा सेफ्टी सिस्टम लिमिटेड को HSRP लगाने के लिए अधिकृत किया है। गाड़ी मालिक इन कंपनियों की वेबसाइट या अधिकृत सेंटर से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

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जानिए HSRP लगवाने का खर्च

  • टू-व्हीलर, ट्रैक्टर, टीलर, ट्रेलर: ₹365.80 (GST सहित)
  • थ्री-व्हीलर: ₹427.16
  • लाइट मोटर व्हीकल/कार: ₹656.08 से ₹705.64 तक
  • 2019 से पहले की गाड़ियों पर इंस्टॉलेशन (डीलर से): ₹100 अतिरिक्त
  • घर पर लगवाने की सुविधा: अतिरिक्त शुल्क देना होगा

अब तक कितने वाहन मालिकों ने लगवाई HSRP?

राज्य में अब तक करीब 85,000 गाड़ियों में HSRP लग चुकी है, और 1 लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। लेकिन अब भी करीब 30 लाख गाड़ियों में यह प्लेट लगना बाकी है। अकेले रायपुर में बड़ी संख्या में गाड़ियाँ इससे वंचित हैं।

सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के आदेश पर लागू हुआ नियम

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के निर्देश पर लिया गया है। इसका उद्देश्य वाहन स्वामियों की सुरक्षा और गाड़ियों की मॉनिटरिंग को बेहतर बनाना है। राज्य सरकार पहले ही इसको लेकर अधिसूचना जारी कर चुकी है।

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