CG में हाईप्रोफाइल ठगी: पुलिस-जेल समेत कई विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर 25 युवकों से करोड़ों वसूले, 4 आरोपी दबोचे

CG High Profile Fraud Expose: छत्तीसगढ़ में पुलिस-जेल समेत कई विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर 25 युवकों से करोड़ों रुपए वसूले हैं, बिलासपुर पुलिस ने मामले का खुलासा कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

CG High Profile Fraud Expose

CG High Profile Fraud Expose: छत्तीसगढ़ में बिना कोई परीक्षा के नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह के सदस्यों ने 25 युवाओं को अपने झांसे में लेकर उनसे करोड़ों रुपए की ठगी की थी। सोमवार को पुलिस ने हाईप्रोफाइल ठगी के इस मामले का खुलासा करते हुए 4 आरोपियों का गिरफ्तार किया और उनके पास से 13 लाख रुपए नगद, इनोवा कार और 7 मोबाइल बरामद किए हैं। वहीं बैंक अकाउंट में जमा तीन लाख रुपए को सीज कराया है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ में ठगी के अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।

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बिलासपुर पुलिस ने किया खुलासा

एडिशनल एसपी सिटी राजेंद्र जायसवाल, ट्रेनी आईपीएस एवं सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने मीडिया को बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि कपिल गोस्वामी नाम का व्यक्ति और उसके साथी मिलकर बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर फर्जी प्रमाण पत्र देकर ठगी कर रहे हैं। सूचना को एसपी रजनेश सिंह ने गंभीरता से लिया और बिना शिकायत के आरोपियों की धरपकड़ करने के लिए टीम गठित की।

छापे में मिले फर्जी नियुक्ति पत्र, सर्विस बुक और सरकारी विभागों के सील

पुलिस की टीम ने जानकारी जुटाई, तब पता चला कि आरोपियों ने सक्ती जिले के हसौद क्षेत्र के भातमाहुल निवासी गोविंद चंद्रा (35) पिता जतीराम चंद्रा से बड़ी रानी वसूली की है। इसके एवज में उसे नौकरी लगाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया है। इसी आधार पर पुलिस टीम ने जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा निवासी मुख्य आरोपी कपिल गोस्वामी उर्फ कपिलेश्वर, गुरुशंकर दिव्य और पुरुषोत्तम तिवारी के साथ ही राजेंद्र पलांगे के घर में दबिश दी। जहां, फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी सर्विस बुक के साथ ही अलग-अलग विभागों के सील मुहर और जेल प्रहरी की वर्दी बरामद की गई।

[caption id="attachment_713929" align="alignnone" width="976"]publive-image ठगी के आरोपियों से बरामद कैश और फर्जी दस्तावेज।[/caption]

सरपंच प्रतिनिधि, कथित पत्रकार ने बनाया गिरोह

पुलिस पूछताछ में पता चला कि गैंग का सरगना कपिल गोस्वामी है, जो सरपंच प्रतिनिधि ईश्वर चौहान और कथित पत्रकार गुरू दिव्यशंकर के साथ मिलकर गैंग बनाया। जिसके बाद गैंग के सदस्य बेरोजगार युवकों को सरकारी विभागों में बिना वैकेंसी निकले नौकरी लगाने का लालच देते थे। उसके साथी युवाओं को फर्जी नियुक्ति आदेश दिखाकर जाल में फंसाते थे। बेरोजगार युवक बेकडोर नौकरी लगने की लालच में आकर उनके चंगुल में फंसकर उन्हें मोटी रकम दे दी। जिसके बाद फर्जी नियुक्ति आदेश लेकर संबंधित विभागों के चक्कर काटते रहे।

आरोपी रौब दिखाने रखते थे ड्राइवर और बॉडी गार्ड

एएसपी जायसवाल ने बताया कि गिरोह के सरगना कपिल गोस्वामी सरकारी विभागों में अपनी पहुंच होने का रौब दिखाता था। युवकों को झांसे में लेने के लिए वह इनोवा कार में ड्राइवर और बॉडी गार्ड लेकर चलता था। उसके ठाठबाठ देखकर बेरोजगार युवक अपने घर के रिश्तेदारों, परिजनों से उधार रकम लेकर, घर के जेवर गिरवी रखकर नौकरी की चाह में पैसा एकत्र कर कपिल गोस्वामी को देते थे। इसके एवज में कपिल गोस्वामी युवकों को फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र दिखाकर डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन कराने के नाम पर उनके ओरिजनल सर्टिफकेट लेकर वेरीफिकेशन के बाद नियुक्ति पत्र और सर्विस बुक देने का झांसा देता था और कई दिनों तक गुमराह करता रहता था।

पीड़ित भी बन गया गैंग का मेम्बर

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पुलिस ने बताया कि शुरुआत में उनके झांसे में आकर राजेंद्र पलांगे भी सरकारी नौकरी लगने की लालच में फंस गया था। जब उसे नौकरी नहीं मिली तो वो पैसा वापस मांगने लगा। जिस पर कपिल गोस्वामी ने उसे ग्राहक लाने पर कमीशन देने और पैसा वापस करने का झांसा दिया। जिसके बाद राजेंद्र पलांगे लालच में आकर खुद गिरोह का सदस्य बन गया और बेरोजगार युवकों को झांसे में लेने लगा। पुलिस ने राजेंद्र पलांगे को भी आरोपी बनाया है।

शातिर ठग है सरगना, पहले भी जा चुका है जेल

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गैंग का मुख्य सरगना कपिल गोस्वामी शातिर ठग है। वो पहले भी इस तरह से बेरोजगार युवकों को नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करता था। कवर्धा पुलिस ने ऐसे ही एक केस में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से छूटने के बाद वो बिलासपुर आ रहने लगा और बेरोजगारों को झांसे में लेकर ठगी करने लगा।

चार पीड़ित आए सामने, 22 लाख ठगे

पुलिस ने जांच के दौरान सक्ती जिले के गोविन्द चंद्रा, पचपेड़ी निवासी नंद कुमार शांडिल्य, धुर्वाकारी निवासी नितीश कुमार भारद्वाज और धुर्वाकारी के ही नितीश कुमार भारद्वाज की पहचान की है, जिनसे आरोपियों ने पैसे की वसूली की है। इन्होंने मिलकर आरोपियों को करीब 22 लाख रुपए दिए हैं।

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पुलिस की अपील, युवाओं को सावधान रहने की दी सलाह

ट्रेनी आईपीएस निमितेश सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ करने पर पता चला है कि उन्होंने जांजगीर चाम्पा, बिलासपुर, सक्ती, रायपुर, बलौदा बाजार जिले के लगभग 25-30 युवाओं से ठगी किया जाना स्वीकार किया है। पुलिस उनकी जानकारी जुटाकर संपर्क करने का प्रयास कर रही है। बिलासपुर पुलिस ने अपील की है कि इस तरह के ठगों से सावधान रहें और किसी भी व्यक्ति द्वारा नौकरी लगाने का झांसा देकर पैसे की मांग करने पर इसकी सूचना पुलिस को दें। पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी भी विभाग में बिना वैकेंसी की नौकरी नहीं लगती। ऐसे में इस तरह के गिरोह से सावधान रहें।

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