CG High Court: शराब घोटाला मामले में हाईकोर्ट से पूर्व IAS अनिल टुटेजा को बड़ा झटका, न्यायिक निगरानी याचिका खारिज

CG High Court ias anil tuteja hc judicial monitoring plea rejected: हाईकोर्ट ने पूर्व IAS अनिल टुटेजा की ईडी, एसीबी जांच की न्यायिक निगरानी संबंधी याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा, एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं। टुटेजा शराब घोटाले समेत कई मामलों में आरोपी हैं और फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

CG High Court ias anil tuteja hc judicial monitoring plea rejected

CG High Court ias anil tuteja hc judicial monitoring plea rejected

CG High Court: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उन्होंने ईडी (प्रवर्तन निदेशालय), एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) और पुलिस जांच की न्यायिक निगरानी की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी। लेकिन बिलासपुर हाईकोर्ट (CG High Court) ने सोमवार को इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से अपना कार्य कर रही हैं। ऐसे में न्यायालय का हस्तक्षेप आवश्यक नहीं है।

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राजनीतिक साजिश का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

अनिल टुटेजा की ओर से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उनका कहना था कि ईडी और अन्य जांच एजेंसियां पक्षपात कर रही हैं, इसलिए जांच की न्यायिक निगरानी जरूरी है ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। साथ ही कहा गया कि अब तक जांच में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं जो टुटेजा को दोषी साबित कर सकें।

ईडी का विरोध, गंभीर आरोपों का हवाला

ईडी की ओर से पेश उपमहाधिवक्ता डॉ. सौरभ पांडे ने इस याचिका का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कोर्ट (CG High Court) को बताया कि अनिल टुटेजा सिर्फ शराब घोटाले में ही नहीं, बल्कि डीएमएफ (जिला खनिज न्यास), कोयला आवंटन और अन्य आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों में भी आरोपी हैं। उन्होंने दलील दी कि जांच एजेंसियां बिना किसी राजनीतिक दबाव के, कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना काम कर रही हैं।

कोर्ट का दो टूक जवाब: जांच में हस्तक्षेप की जरूरत नहीं

दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में ऐसा कोई कारण नहीं है, जिससे यह प्रतीत हो कि जांच प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही है या न्यायिक निगरानी आवश्यक है। अदालत ने कहा कि एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं, ऐसे में याचिका खारिज की जाती है।

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जेल में हैं टुटेजा, जांच जारी

गौरतलब है कि पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा इस समय न्यायिक हिरासत में हैं और उन पर शराब घोटाले, मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य घोटालों से जुड़ी गंभीर जांच चल रही है। हाईकोर्ट का यह फैसला जांच एजेंसियों को स्वतंत्रता देने और जांच को प्रभावित करने की कोशिशों पर विराम लगाने जैसा है।

इस फैसले से साफ हो गया है कि अदालत फिलहाल जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भरोसा कर रही है और उन्हें अपना कार्य निष्पक्ष तरीके से करने का पूरा अधिकार है। यह आदेश छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित घोटालों की पारदर्शी जांच के लिहाज से एक अहम मोड़ माना जा रहा है।

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