छत्तीसगढ़ में PM Fasal Bima Yojana का लाभ उठाने किसान इतने तारीख से पहले करें आवेदन: फसल नुकसान का भी मिलेगा पूरा मुआवजा

PM Fasal Bima Yojana: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ फसलों के लिए बीमा कराने के लिए 31 जुलाई तक किसान आवेदन कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में PM Fasal Bima Yojana का लाभ उठाने किसान इतने तारीख से पहले करें आवेदन: फसल नुकसान का भी मिलेगा पूरा मुआवजा

हाइलाइट्स

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना है संजीवनी
  • किसान 31 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन
  • किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी सरकार

PM Fasal Bima Yojana:प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ फसलों के लिए बीमा कराने के लिए 31 जुलाई तक किसान आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।

जिले के लिए खरीफ मौसम में धान सिंचित व असिंचित, मक्का, उड़द और मूंगफली फसल को नोटफाइ किया है। धान व मक्का फसल के लिए ग्राम को इकाई क्षेत्र लिया गया है। उड़द और मूंगफली फसल के राजस्व निरीक्षक मण्डल क्षेत्र (Revenue Inspector Division Area)  को इकाई माना है।

कृषि विभाग ने इस कंपनी से किया है अनुबंध

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ ऋणी, अऋणी, भू-धारक किसान, बटाईदार व वनपट्टाधारी किसान (Borrowers, land holding farmers, sharecroppers and forest lease farmers) ले सकते हैं। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष सक्ती जिला में फसल बीमा के लिए बीमा कम्पनी बजाज एलाइन्स जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से अनुबंध किया है।

क्या कहना है कृषि विभाग का

कृषि विभाग सक्ती के उप संचालक शशांक शिंदे के अनुसार प्राकृतिक आपदा की स्थिति में फसल बीमा बेहतर विकल्प है। 2023 खरीफ फसल में 19 हजार 75 ऋणी किसानों व 1499 अऋणी किसानों द्वारा बीमा कराया था, जिसमें 459 किसानों को फसल क्षति की स्थिति में 2366465 रुपए का दावा भुगतान किया है।

इस वर्ष भी बीमा के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी या सेवा सहकारी समिति से सम्पर्क कर सकते है।

यहां करा सकते हैं बीमा

अऋणी किसान आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पर्ची, बी-1 तथा पी-2 फसल विवरण के साथ अपने नजदीकी Common Service Centres या संबंधित बैंक में फसल बीमा करा सकते हैं।

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यहां पढ़ें किसान फसल बीमा योजना की जानकारी

खरीफ सीजन में किन-किन फसलों का बीमा होता है?

जनपद में धान, मक्का, उर्द, बाजरा, ज्वार, तिल व अरहर के अलावा औद्यानिक फसलों में केला व मिर्च की फसलों का बीमा होता है ।

बीमा के लिए कितना प्रीमियम देना होगा?

किसानों को खरीफ फसल में प्रीमियम का दो प्रतिशत और औद्यानिक फसल में प्रीमियम का पांच प्रतिशत भुगतान करना है।

प्राकृतिक आपदा में कैसे बीमा का लाभ मिलता है?

ग्राम पंचायत स्तर पर प्रतिकूल मौसम के कारण बोआई न होने, असफल बोआई, फसल की बोआई से कटाई के समयावधि में प्राकृतिक आपदाओं, सूखा, बाढ़, जल प्लावन, ओला, भूस्खलन, आकाशीय बिजली से आग, तूफान चक्रवात, रोगों, कीटों आदि से खड़ी फसल नष्ट होने पर बीमा का लाभ मिलता है। इसके अलावा व्यक्तिगत फसल बीमा का भी लाभ मिलता है।

फसल का बीमा कैसे कराएं?

किसान क्रेडिट कार्ड पर खेती के लिए कर्ज लेने वाले किसानों को बैंक के माध्यम से बीमा हो जाता है। गैर ऋणी किसान किसी भी सहज जनसेवा केंद्र (सीएससी) पर खतौनी व पासबुक की फोटो कापी लेकर जाएं वहां आसानी से बीमा हो जाएगा।

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