छत्‍तीसगढ़ में ईद-उल-फितर: सामूहिक नमाज अदा कर मनाया भाईचारे और उल्‍लास का पर्व, शांति-समृद्धि की मांगी दुआ

Chhattisgarh (CG) Eid ul-Fitr 2025 Celebration Photos Update - छत्तीसगढ़ में ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े ही उत्साह और धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही राज्यभर की मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज अदा की गई

Eid Namaz 2025

Eid Namaz 2025

Eid Namaz 2025: छत्तीसगढ़ में ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े ही उत्साह और धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही राज्यभर की मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और शांति व भाईचारे की दुआएं मांगीं। बच्चों में इस त्योहार को लेकर खासा उत्साह देखा गया, जो नए कपड़े पहनकर बड़ों के साथ नमाज में शामिल हुए।

रायपुर में ईदगाह भाठा पर जुटे हजारों लोग

राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में ईद (Eid Namaz 2025) की खुशी का माहौल था। रायपुर के ईदगाह भाठा समेत अन्य मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की। इस दौरान लोगों ने प्रदेश और देश की तरक्की तथा सुख-शांति के लिए दुआएं मांगीं। नमाज के बाद राजनीतिक नेताओं ने भी मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात कर उन्हें ईद की बधाई दी। बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं ने लोगों से गले मिलकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं।

रमजान के पाक महीने की समाप्ति, जकात और फितरे का महत्व

CG Eid Namaz 2025

ईद-उल-फितर रमजान के पवित्र महीने के अंत का प्रतीक है, जिसमें 30 दिनों तक रोजेदार सूर्योदय (Eid Namaz 2025) से सूर्यास्त तक बिना कुछ खाए-पिए उपवास रखते हैं। इस दौरान सहरी और इफ्तार का विशेष महत्व होता है। रमजान के महीने में नमाज, कुरान पाठ और दान-पुण्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है। मुस्लिम समुदाय के लोग अपनी आय का ढाई प्रतिशत (जकात) गरीबों और जरूरतमंदों को दान करते हैं। ईद के दिन फितरा देकर गरीबों की मदद करने की भी परंपरा है।

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घरों में बनी सेवइयां और शाही दावत

Raipur Eid Namaz 2025

ईद के दिन घरों में विशेष पकवान बनाए जाते हैं, जिनमें सेवइयां और शाही भोजन (Eid Namaz 2025) प्रमुख होते हैं। परिवार और दोस्त एक-दूसरे के घर जाकर मुंह मीठा कराते हैं और खुशियां बांटते हैं। इस दिन सामाजिक सौहार्द और प्यार-मोहब्बत का विशेष महत्व होता है।

शांति और भाईचारे का संदेश

ईद का त्योहार सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे (Eid Namaz 2025) का प्रतीक भी है। इस मौके पर लोगों ने देश में शांति और सद्भावना बनाए रखने की प्रार्थना की। छत्तीसगढ़ में ईद के उत्सव ने एक बार फिर साबित किया कि यहां सभी धर्म और समुदाय के लोग मिलजुल कर रहते हैं और हर त्योहार को साथ मनाते हैं।

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