भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा पर लगाया गंभीर आरोप: कहा- कैदियों ने बनाया कवर्धा सदन, कैदी के फरार होने पर उठाए सवाल

CG Kawardha Sadan Controversy: भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा पर लगाया गंभीर आरोप, कहा- कैदियों ने बनाया कवर्धा सदन, कैदी के फरार होने पर उठाए सवाल

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CG Kawardha Sadan Controversy: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजनीति में इन दिनों नया विवाद सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने गृहमंत्री विजय शर्मा (Vijay Sharma) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कवर्धा सदन (Kawardha Sadan) का निर्माण जेल के कैदियों से कराया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर इस पूरे मामले पर सवाल उठाए।

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कैदी के फरार होने का मामला

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बघेल ने दावा किया कि निर्माण कार्य के दौरान उम्रकैद की सजा काट रहा एक कैदी 21 अगस्त को फरार हो गया। उन्होंने पूछा कि उस कैदी को जेल से बाहर लाने की अनुमति क्या न्यायालय ने दी थी? और अगर अनुमति नहीं थी तो उसे बाहर लाने के लिए कौन जिम्मेदार है? उन्होंने यह भी सवाल किया कि फरार होने की घटना के बाद अब तक जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की गई है।

सदनों की परंपरा और नया विवाद

भूपेश बघेल ने कहा कि परंपरा रही है कि मुख्यमंत्री के लिए मरवाही सदन (Marwahi Sadan), राजनांदगांव सदन (Rajnandgaon Sadan), पाटन सदन (Patna Sadan) जैसे भवन बनाए गए। मौजूदा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के लिए भी कुनकुरी सदन (Kunkuri Sadan) का निर्माण हुआ है। लेकिन प्रदेश में यह पहली बार देखा जा रहा है कि गृहमंत्री ने खुद का सदन बनवाना शुरू कर दिया है।

https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1961709570918920428

सरकार और मुख्यमंत्री से सवाल

बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सीधे सवाल करते हुए कहा कि क्या अब राजधानी रायपुर (Raipur) में हर मंत्री को ‘सदन’ बनाने की अनुमति दी गई है? अगर हां तो इसके लिए क्या नियम बनाए गए हैं? उन्होंने पूछा कि फरार कैदी की घटना पर मुख्यमंत्री ने अब तक क्या संज्ञान लिया और क्या इस मामले की न्यायिक जांच कराई जाएगी?

न्यायिक जांच की मांग

भूपेश बघेल ने कहा कि इस मामले की जांच जेल मंत्री के विभाग से नहीं हो सकती क्योंकि निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे। इसलिए इसकी जांच हाईकोर्ट (High Court) के सिटिंग जज से कराई जानी चाहिए ताकि सच सामने आ सके। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन को इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़कर जनता को जवाब देना चाहिए।

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